छह महिलाओं ने संवारा स्वरोजगार का रास्ता, सालाना 12-13 लाख रुपये की आमदनी
रुद्रप्रयाग, 31 अगस्त (हि. स.)। अगस्तमुनि में सुमतिसुधा स्वयं सहायता समूह की छह महिलाओं ने पारंपरिक पहाड़ी व्यंजनों और स्थानीय उत्पादों के जरिए स्वरोजगार की मिसाल कायम की है। वर्ष 2022 से समूह की महिलाएं ‘सरस रेस्टोरेंट’ का संचालन कर रही हैं, जिससे उन्हें नियमित रोजगार के साथ सालाना करीब 12 से 13 लाख रुपये की आमदनी हो रही है।
रेस्टोरेंट में मंडुवा, झंगोरा और विभिन्न प्रकार की पहाड़ी दालों से तैयार पारंपरिक एवं पौष्टिक व्यंजन परोसे जाते हैं। स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ ही समूह की महिलाएं उत्तराखंड की पारंपरिक खान-पान संस्कृति को भी बढ़ावा दे रही हैं। समूह को राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से सहयोग और मार्गदर्शन मिला। सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर महिलाओं ने अपने हुनर को रोजगार के अवसर में बदला और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ीं।
समूह संचालन पूनम पंवार के अनुसार, रेस्टोरेंट से होने वाली आय से छह परिवारों की आजीविका को मजबूती मिली है। साथ ही, समूह की सफलता आसपास की अन्य ग्रामीण महिलाओं को भी स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

