निजी भूमि पर 50 करोड़ के सौंदर्यीकरण पर विवाद, अशोक त्रिपाठी ने मेला प्रशासन को भेजा कानूनी नोटिस

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निजी भूमि पर 50 करोड़ के सौंदर्यीकरण पर विवाद, अशोक त्रिपाठी ने मेला प्रशासन को भेजा कानूनी नोटिस


हरिद्वार, 06 अगस्त (हि.स.)। वरिष्ठ भाजपा नेता, गंगा सभा एवं हरिद्वार जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष तथा मेला प्राधिकरण के पूर्व उपाध्यक्ष अशोक त्रिपाठी ने सतीकुंड के सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने मेला अधिकारी और मुख्य सचिव सहित संबंधित अधिकारियों को विधिक नोटिस भेजकर एक अखाड़े की निजी भूमि पर सरकारी धन खर्च किए जाने का आधार और प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग की है।

अशोक त्रिपाठी का कहना है कि लगभग 26 बीघा क्षेत्र में फैला सतीकुंड निरंजनी अखाड़े की स्वामित्व वाली भूमि है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस भूमि के कुछ हिस्से पूर्व में निजी व्यक्तियों को भी बेचे जा चुके हैं। इसके बावजूद मेला प्रशासन द्वारा भूमि का स्वामित्व सरकार के पक्ष में हस्तांतरित कराए बिना ही 50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सौंदर्यीकरण कार्य कराया जा रहा है, जो नियमों के विपरीत और सरकारी धन के दुरुपयोग की श्रेणी में आता है। विधिक नोटिस में पूछा गया है कि निजी स्वामित्व वाली भूमि पर करोड़ों रुपये की सरकारी परियोजना किस वैधानिक प्रक्रिया के तहत स्वीकृत की गई। त्रिपाठी ने संबंधित अधिकारियों से 15 दिनों के भीतर जवाब देने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि संतोषजनक उत्तर नहीं मिला तो वह इस मामले में न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।

गौरतलब है कि सतीकुंड में 50 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से सौंदर्यीकरण कार्य चल रहा है। इस परियोजना को अहमदाबाद की एक कंपनी को दिए जाने को लेकर पहले से ही सवाल उठ रहे थे। अब भूमि के स्वामित्व को लेकर उठे नए विवाद ने इस परियोजना को लेकर बहस और तेज कर दी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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