आरएसएस ने धूमधाम से मनाया स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रबोध और सामाजिक समरसता का दिया संदेश

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आरएसएस ने धूमधाम से मनाया स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रबोध और सामाजिक समरसता का दिया संदेश


आरएसएस ने धूमधाम से मनाया स्वतंत्रता दिवस, राष्ट्रबोध और सामाजिक समरसता का दिया संदेश


देहरादून, 15 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की ओर से स्वतंत्रता दिवस पर राज्यभर में संघ कार्यालयों में ध्वजारोहण कर स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। इस दौरान राष्ट्रबोध, सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और नागरिक कर्तव्यों का संदेश दिया गया।

देहरादून के 15 तिलक रोड स्थित संघ के प्रांत कार्यालय में दक्षिण महानगर संघचालक कैलाश मैलाना और प्रांत व्यवस्था प्रमुख नीरज मित्तल ने संयुक्त रूप से ध्वजारोहण किया।

कैलाश मैलाना ने कहा कि करीब दो सौ वर्षों की अंग्रेजी गुलामी के बाद देश को स्वतंत्रता मिली। स्वतंत्रता दिवस केवल सत्ता परिवर्तन का प्रतीक नहीं, बल्कि देश को उन्नति के पथ पर आगे ले जाने के संकल्प का अवसर है। लाखों स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से प्राप्त आजादी की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति और मजबूती के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। राष्ट्र की सुरक्षा के लिए बाहरी खतरों के साथ-साथ देश के भीतर मौजूद चुनौतियों को भी समझना और समाज को देश को नुकसान पहुंचाने वाली ताकतों के प्रति सजग रहना जरूरी है।

वक्ताओं ने कहा कि आरएसएस पंच परिवर्तन, सामाजिक समरसता और राष्ट्रबोध के माध्यम से समाज को संगठित और जागरूक करने का कार्य कर रहा है। देशहित को सर्वोपरि रखते हुए सामाजिक एकता और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करना समय की आवश्यकता है।

कार्यक्रम में सह प्रांत कुटुंब प्रबोधन प्रमुख अनिल नंदा, प्रांत कार्यालय प्रमुख सत्येंद्र, दक्षिण महानगर कार्यवाह सत्येंद्र, स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत सह संयोजक गौरव, नगर कार्यवाह संतोष जायसवाल, राजकुमार तिवारी सहित संघ के अन्य पदाधिकारी, स्वयंसेवक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

वहीं विश्व संवाद केंद्र में दक्षिण महानगर संघचालक चन्द्र गुप्त विक्रम ने ध्वजारोहण किया। विश्व संवाद केंद्र में चन्द्र गुप्त विक्रम ने देश के उत्थान और विकास में प्रत्येक नागरिक से योगदान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की प्रगति के लिए नागरिकों को अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहना चाहिए और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को स्मरण करते हुए राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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