ऋषिहुड विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने गुरुकुल में जानी भारतीय ज्ञान परंपरा

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ऋषिहुड विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने गुरुकुल में जानी भारतीय ज्ञान परंपरा


हरिद्वार, 27 सितंबर (हि.स.)। ऋषिहुड विश्वविद्यालय, सोनीपत के प्राध्यापकों, अधिकारियों और विद्यार्थियों के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने भारतीय ज्ञान परंपरा, गुरुकुल संस्कृति, वैदिक शिक्षा और संस्थान की ऐतिहासिक विरासत को करीब से जाना।

विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंगलाचरण से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वैदिक विद्वान प्रो. दिनेश चंद्र शास्त्री ने की। उन्होंने विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और वैदिक परंपरा के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने नमस्ते, जनेऊ, ब्रह्मचर्य, शिखा और विवाह संस्कार के वैदिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।

समविश्वविद्यालय कुलसचिव प्रो. सत्यदेव निगमालंकार ने विद्यार्थियों से भारतीय संस्कृति और ज्ञान परंपरा के संवाहक बनने का आह्वान किया। इस अवसर पर प्रो. बिंदु अरोड़ा ने गुरुकुल कांगड़ी की वैदिक उपलब्धियों और विकास यात्रा पर प्रस्तुति दी। विद्यार्थियों को गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय पर आधारित डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई गई, जिसमें स्वामी श्रद्धानंद के जीवन दर्शन, विश्वविद्यालय की स्थापना और शैक्षणिक परंपरा से परिचित कराया गया।

ऋषिहुड विश्वविद्यालय की ओर से अन्नु वासुदेव ने कहा कि गुरुकुल में भारतीय संस्कृति की परंपरा को करीब से अनुभव करना उनके लिए सुखद और प्रेरणादायक रहा। उन्होंने कहा कि ऐसी यात्राएं विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच और सही-गलत का विवेक विकसित करने में सहायक होती हैं।

कार्यक्रम के बाद प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय पुस्तकालय, संदर्भ पुस्तकालय और दुर्लभ पांडुलिपि कक्ष का अवलोकन किया। इसके बाद पुरातत्व संग्रहालय में विभिन्न दीर्घाओं का भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने भगत सिंह के ट्रायल की प्रति और स्वामी श्रद्धानंद के जीवन से जुड़ी वीथिका भी देखी।

विजिट संयोजक डॉ. श्वेतांक आर्य ने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजन विद्यार्थियों को संस्थानों की ज्ञान परंपरा, इतिहास और विरासत को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर देते हैं। विद्यार्थियों ने यात्रा को अविस्मरणीय बताते हुए कहा कि गुरुकुल से मिली प्रेरणा उन्हें जीवन में सही दिशा देने में सहायक होगी।

कार्यक्रम में निदेशक आईक्यूएसी प्रो. पंकज मदान, परीक्षा नियंत्रक प्रो. एलपी पुरोहित, डॉ. विपुल भट्ट, डॉ. भारत वेदालंकार, डॉ. संदीप कुमार, क्यूरेटर मनोज कुमार, सुरक्षा नोडल अधिकारी दुष्यंत राणा, जनसंपर्क अधिकारी डॉ. शिवकुमार चौहान समेत शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी मौजूद रहे। संचालन डॉ. हिमांशु पंडित और डॉ. भावना ने संयुक्त रूप से किया।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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