आपदा प्रबंधन बनेगा मॉडल,ग्राम स्तर तक प्रशिक्षण व संसाधनों पर फोकस
देहरादून, 06 अप्रैल (हि.स.)। उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास मंत्री मदन कौशिक ने सोमवार को विभागीय अधिकारियों को राज्य के आपदा प्रबंधन तंत्र को सुदृढ़ एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों के उपयोग के साथ उत्तराखंड को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में मॉडल राज्य के रूप में विकसित किया जाए।
आज विधानसभा स्थित सभागार कक्ष में मंत्री काैशिक ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आपदा प्रबंधन तंत्र को सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्री ने आपदा से पूर्व, आपदा के दौरान और आपदा के बाद की कार्यप्रणाली की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर राज्य को आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में मॉडल राज्य के रूप में स्थापित किया जाए। मंत्री ने कहा कि आपदा प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए जिला स्तर पर व्यवस्थाएं मजबूत करना आवश्यक है। उन्होंने कम्युनिकेशन सिस्टम को बेहतर बनाने पर जोर देते हुए कहा कि सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान सुनिश्चित हो, जिससे राहत एवं बचाव कार्य समय पर शुरू किए जा सकें। उन्होंने निर्देश दिए कि ग्राम स्तर के जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों को आपदा संबंधी प्रशिक्षण और संचार उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, ताकि आपदा की स्थिति में त्वरित सूचना जिला एवं राज्य मुख्यालय तक पहुंच सके।
मंत्री काैशिक ने न्याय पंचायत स्तर पर ‘आपदा मित्र’ एवं ‘आपदा सखी’ बनाने, उन्हें प्रशिक्षण देने तथा आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए। साथ ही इनके लिए प्रोत्साहन राशि की व्यवस्था करने पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि आपदाओं के पूर्वानुमान पर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे संभावित नुकसान को कम किया जा सके। संवेदनशील झीलों के उपचार के लिए वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान के विशेषज्ञों से समन्वय स्थापित करने तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के उपचार को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए।
मंत्री ने जिला स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकों के लिए रोस्टर तैयार करने को कहा और बताया कि वह स्वयं भी इन बैठकों में प्रतिभाग करेंगे।
बैठक में आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विभाग से सचिव विनोद कुमार सुमन, संयुक्त सचिव एनएस डुंगरियाल, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी यूएसडीएमए मो.ओबैदुल्लाह अंसारी सहित अन्य अधिकारी एवं विभिन्न विषयों के विशेषज्ञ उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

