गुरुकुल कांगड़ी में नदी स्वच्छता के लिए ब्लॉकचेन आधारित प्रणाली पर शोध

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गुरुकुल कांगड़ी में नदी स्वच्छता के लिए ब्लॉकचेन आधारित प्रणाली पर शोध


हरिद्वार, 11 जुलाई (हि.स.)। गुरुकुल कांगड़ी समविश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के कम्प्यूटर विज्ञान एवं अभियांत्रिकी विभाग में नदी स्वच्छता अभियानों में जनसहभागिता और वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से ब्लॉकचेन आधारित सॉफ्टवेयर प्रणाली विकसित करने पर शोध किया गया है।

विश्वविद्यालय की ओर से शनिवार को दी गई जानकारी के अनुसार विभाग के प्रोफेसर डॉ. मयंक अग्रवाल के निर्देशन में शोधार्थी अंजलि अरोड़ा ने यह शोध कार्य किया है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि विश्वभर में बढ़ते नदी प्रदूषण और सफाई अभियानों में पारदर्शिता की कमी को देखते हुए यह शोध किया गया है। उन्होंने कहा कि बड़े स्तर पर चलने वाले नदी स्वच्छता अभियानों के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और जनसहयोग आवश्यक होता है, लेकिन पारदर्शिता के अभाव में लोगों का विश्वास प्रभावित होता है।

उन्होंने बताया कि विकसित ब्लॉकचेन आधारित प्रणाली में नदी सफाई से जुड़े दान, व्यय, वित्तीय लेन-देन और कार्यों की प्रगति को सुरक्षित एवं पारदर्शी तरीके से दर्ज किया जा सकता है। ब्लॉकचेन तकनीक के कारण रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की संभावना बेहद कम हो जाती है, जिससे आम नागरिक, स्वयंसेवी संस्थाएं और सरकारी एजेंसियां अभियान की प्रगति का सत्यापन कर सकती हैं।

शोधार्थी अंजलि अरोड़ा ने अपने अध्ययन में कहा है कि ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन तथा सामाजिक विकास से जुड़े कार्यों में भी प्रभावी ढंग से किया जा सकता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह शोध भविष्य में नदी संरक्षण एवं स्वच्छता अभियानों के लिए एक व्यावहारिक तकनीकी मॉडल के रूप में उपयोगी सिद्ध होगा।

इस अवसर पर प्रो. विपुल शर्मा, डॉ. निशांत, डॉ. नमित खंडूजा, डॉ. सुयश भरद्वाज तथा डॉ. पंकज कौशिक ने शोधार्थी को शुभकामनाएं दीं।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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