उत्तराखंड में निर्माण व्यवस्था में बड़ा बदलाव, रेरा पोर्टल से जुड़ेगा नक्शा स्वीकृति सिस्टम

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उत्तराखंड में निर्माण व्यवस्था में बड़ा बदलाव, रेरा पोर्टल से जुड़ेगा नक्शा स्वीकृति सिस्टम


देहरादून, 30 अप्रैल (हि.स.)। राज्य में निर्माण गतिविधियों को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से आवास विभाग ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। नियोजित क्षेत्रों के बाहर स्थित परियोजनाओं के मानचित्र स्वीकृति सिस्टम को उत्तराखण्ड भूसंपदा नियामक प्राधिकरण (रेरा) के पोर्टल से जोड़ा जाएगा। इससे स्वीकृति प्रक्रिया ऑनलाइन, समयबद्ध और अधिक पारदर्शी हो सकेगी।

गुरुवार को सचिवालय में आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार की अध्यक्षता में एक बैठक हुई। बैठक में 1 अगस्त 2025 के शासनादेश के तहत बढ़ाए गए भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क पर चिंता जताई गई। वर्तमान में आवासीय,पर्यटन उपयोग के लिए सर्किल रेट के बराबर और व्यावसायिक उपयोग के लिए 1.5 गुना शुल्क लिया जा रहा है, जिससे आम लोगों को कठिनाई हो रही है। इस पर सभी विकास प्राधिकरणों को एक सप्ताह के भीतर संशोधित प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अधिसूचित क्षेत्रों में अब पंचायतों को नक्शा पास करने का अधिकार नहीं रहेगा। संशोधित कानून के तहत यह जिम्मेदारी केवल विकास प्राधिकरणों को सौंपी गई है। इस संबंध में पंचायती राज विभाग को सभी जिला पंचायतों को तत्काल निर्देश जारी करने के लिए कहा गया है।

बैठक में निर्णय लिया गया कि अधिसूचित क्षेत्रों के बाहर भी विकसित हो रही कॉलोनियों और भूखंडों पर रेरा के माध्यम से सख्त निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए प्राधिकरणों और रेरा के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा, ताकि अनियमित और अवैध निर्माण पर प्रभावी रोक लग सके। राज्य में बढ़ते अवैध निर्माण को देखते हुए नगर एवं ग्राम नियोजन विभाग को एक समान कानूनी ढांचा (कॉमन ड्राफ्ट) तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे सभी प्राधिकरणों को एकरूपता के साथ कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।

आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि रेरा पोर्टल से मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया जुड़ने से पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी। साथ ही आम नागरिकों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार के इन फैसलों से स्पष्ट है कि उत्तराखंड में निर्माण क्षेत्र को अधिक जवाबदेह, सुव्यवस्थित और नागरिक-अनुकूल बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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