मसाला यूनिट बनी महिला सशक्तीकरण की मिसाल
हरिद्वार, 17 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए चलाई जा रही योजनाएं धरातल पर रंग ला रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी हरिद्वार जनपद के लालढांग क्षेत्र की आशा ग्राम संगठन की अध्यक्ष हेमा नेगी की है, जिन्होंने सरकारी सहायता से मसाला यूनिट स्थापित कर आत्मनिर्भरता की नई राह दिखाई है।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के मार्गदर्शन में हेमा नेगी ने दिसंबर 2025 में 10 लाख रुपये की लागत से अपनी मसाला यूनिट शुरू की। इसमें रिप (रीप) परियोजना के तहत 6 लाख रुपये की सब्सिडी, 3 लाख रुपये का बैंक ऋण और 1 लाख रुपये की स्वयं की पूंजी शामिल है।
आज यह यूनिट न सिर्फ हेमा के लिए स्वरोजगार का साधन बनी है, बल्कि क्षेत्र की कई अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ रही है।
हेमा के अनुसार उनकी यूनिट से प्रतिमाह लगभग 60 हजार रुपये का कारोबार हो रहा है। स्थानीय स्तर पर शुद्ध मसालों के उत्पादन को बढ़ावा मिलने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
हेमा नेगी ने कहा कि सरकार और रिप परियोजना से मिले सहयोग ने उनके सपने को साकार किया है।
इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और जिला प्रशासन का आभार जताया।
उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य अधिक से अधिक महिलाओं को इस व्यवसाय से जोड़ना है ताकि वे भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें। उनकी सफलता यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, सरकारी सहयोग और दृढ़ इच्छाशक्ति से ग्रामीण महिलाएं भी उद्यमिता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकती हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

