नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म में पिता दोषी, 20 वर्ष का कठोर कारावास
हरिद्वार, 21 फ़रवरी (हि.स.)। नाबालिग पुत्री से दुष्कर्म करने व जान से मारने की धमकी देने के मामले में अपर जिला जज व एफटीएससी न्यायाधीश चंद्रमणि राय ने आरोपित पिता को दोषी करार दिया है। एफटीएस कोर्ट ने पिता को 20 के वर्ष कठोर कारावास व 30 हजार रुपये के अर्थदण्ड की सजा सुनाई है।
शासकीय अधिवक्ता भूपेंद्र चौहान ने बताया कि 27 फरवरी 2023 को कनखल क्षेत्र में पिता पर 11 वर्ष की आयु से अपनी पुत्री के साथ दुष्कर्म करने का केस दर्ज कराया गया था। यहीं नहीं, आरोपी पिता पर घटना के बारे में किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप भी लगाया था। पीड़िता ने बताया कि करीब 11 साल की उम्र से पिता उसके साथ जबरदस्ती गलत काम करता आ रहा है। यहीं नहीं, अन्य परिजन पीड़िता की बात को अनसुना करते रहे हैं। शिकायतकर्ता पीड़ित पुत्री ने अपने पिता निवासी कनखल हरिद्वार के विरुद्ध संबधित धाराओं में केस दर्ज कराया था।पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। केस की विवेचना के बाद विवेचक ने आरोपी पिता के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी।सरकारी पक्ष ने साक्ष्य में छह व बचाव पक्ष की ओर से दो गवाह माता व बहन कोपेश किया गया था।
विचारण कोर्ट ने राज्य सरकार को पीड़ित लड़की को आर्थिक, सामाजिक पहलुओं को देखते हुए चार लाख रूपये मुआवजा राशि एक माह की अवधि में प्रदान किए जाने के आदेश दिए हैं।
मोबाइल रिकॉर्डिंग बनी ठोस सबूत-
पीड़िता ने बताया कि सभी लोग उसकी बात पर यक़ीन नहीं कर रहे थे। तब पीड़िता ने आरोपी पिता व अपने मध्य हुई वार्तालाप की मोबाइल में रिकॉर्डिंग कर ली थी। उक्त रिकॉर्डिंग को पीड़िता से लेकर विवेचक ने आवाज परीक्षण के लिए सीएफएसएल भेजा था। जिसमें रिकॉर्डिंग आवाज आरोपी पिता की साबित हुई थी।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

