पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं को लेकर डीएम कार्यालय के बाहर दिया धरना
पौड़ी गढ़वाल, 27 अक्टूबर (हि.स.)।पर्वतीय क्षेत्रों की जनसमस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता गणेश चंद्र भट्ट ने मंगलवार को पौड़ी स्थित जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर धरना दिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, वाहन चालकों पर बढ़ते आर्थिक बोझ, प्रशासनिक सेवाओं की अनुपलब्धता और ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। उन्होंने जिलाधिकारी के माध्यम से शासन से पांच सूत्रीय मांगों पर कार्रवाई करने की मांग की।
गणेश चंद्र भट्ट ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, सड़क, शिक्षा, पेयजल और रोजगार जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की जरूरत है। सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों, गरीब परिवारों और वाहन चालकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
धरने के दौरान उन्होंने श्रीनगर स्थित बेस अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ और फिजिशियन की नियुक्ति करने की मांग की। उन्होंने कहा कि इससे पौड़ी के साथ ही रुद्रप्रयाग, चमोली और टिहरी जिलों के लोगों को भी लाभ मिलेगा। साथ ही पर्वतीय क्षेत्रों में एम्स जैसी आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित करने के लिए राज्य सरकार की ओर से केंद्र सरकार को ठोस प्रस्ताव भेजने की मांग की।
उन्होंने वाहन चालकों को आर्थिक राहत देने, डोईवाला-लच्छीवाला टोल प्लाजा को बंद करने, परिवहन कर में की गई वृद्धि वापस लेने और पुराने वाहनों पर जीपीएस लगाने की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग भी उठाई।
इसके अलावा उन्होंने पाबौ क्षेत्र में उपजिला चिकित्सालय और उप तहसील स्थापित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि पर्वतीय गांवों के समग्र विकास के लिए सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाएं गांवों तक पहुंचाई जानी चाहिए। पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने वाली प्रभावी योजनाएं लागू करने की भी मांग की। इस मौके पर दिलवर सिंह नेगी भी शामिल रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

