बनभूलपुरा रेलवे प्रकरण: पुनर्वास शिविरों के लिए संभावित स्थलों का किया निरीक्षण

WhatsApp Channel Join Now
बनभूलपुरा रेलवे प्रकरण: पुनर्वास शिविरों के लिए संभावित स्थलों का किया निरीक्षण


हल्द्वानी, 15 मार्च (हि.स.)। उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और प्रशासन की संयुक्त टीम ने रविवार को बनभूलपुरा रेलवे प्रकरण में पुनर्वास शिविरों के लिए संभावित स्थलों को लेकर निरीक्षण किया। अदालत के निर्देशों के अनुसार 19 मार्च के बाद प्रभावित क्षेत्र में पुनर्वास शिविर लगाए जाने हैं।

मीडिया से बातचीत में न्यायमूर्ति प्रदीप मणि त्रिपाठी ने बताया कि अब्दुल मतीन सिद्दीकी बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में 24 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट की ओर से दिए गए आदेश के अनुपालन में यह कार्रवाई की जा रही है। अदालत के निर्देशों के अनुसार 19 मार्च के बाद प्रभावित क्षेत्र में पुनर्वास शिविर लगाए जाने हैं।

उन्होंने बताया कि इस उद्देश्य से छह स्थानों को चिन्हित किया गया है और छह टीमों का गठन किया गया है, जो इन क्षेत्रों में शिविर संचालित करेंगी। इन शिविरों के माध्यम से प्रभावित परिवारों तक पहुंचकर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

उन्होंने कहा कि शिविरों में पात्र परिवारों से प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए आवेदन भी भरवाए जाएंगे, ताकि प्रभावित क्षेत्र का कोई भी परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे।

ईद के त्योहार को लेकर पूछे गए सवाल पर त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि पुनर्वास की इस प्रक्रिया से ईद के आयोजन पर किसी प्रकार का असर नहीं पड़ने दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि परिस्थितियों के अनुसार शिविरों की शुरुआत 20 मार्च से की जा सकती है, जबकि आवश्यकता होने पर 21 मार्च से भी इन्हें शुरू किया जा सकता है।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि ये शिविर पूरी तरह उनकी सहायता के लिए लगाए जा रहे हैं और इनका किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ की कार्रवाई से कोई संबंध नहीं है। शिविरों में लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवेदन की प्रक्रिया पूरी कराने में मदद की जाएगी और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाएगा।

हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता

Share this story