जनसुनवाई में 51 शिकायतें दर्ज, 22 का मौके पर निस्तारण
हरिद्वार, 17 अगस्त (हि.स.)। जनपदवासियों की समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। जनसुनवाई में विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 51 शिकायतें एवं समस्याएं दर्ज की गईं। इनमें से 22 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों के अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के लिए भेजा गया।
जनसुनवाई के दौरान राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, जलभराव, पेयजल, राशन कार्ड सहित विभिन्न मामलों से संबंधित शिकायतें सामने आईं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का प्राथमिकता के आधार पर गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए।
भूमि विवाद और अतिक्रमण से जुड़ी शिकायतें भी पहुंचीं
ग्राम गाजीवाली निवासी सरस्वती देवी पत्नी स्वर्गीय जीराज सिंह ने पेंशन संख्या में संशोधन की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र दिया। वहीं, मीरपुर मुआजरपुर निवासी मास्टर सुभाष चंद्र ने मकान के सामने इंटरलॉकिंग टाइल्स लगाए जाने के कारण सड़क का स्तर ऊंचा होने और घर में पानी भरने की समस्या से अवगत कराया। उन्होंने सड़क के दोनों ओर नाली निर्माण की मांग की। ग्राम धारीवाला शाहपुर शीतलाखेड़ा निवासी वेदपाल ने मौजा भोगपुर, परगना ज्वालापुर स्थित खसरा नंबर 442/12 पर सरकारी भूमि पर कथित अवैध कब्जे की शिकायत करते हुए कब्जा हटाने की मांग की।
हिमालयन बुक्सा आदिम जनजाति उत्थान समिति ने लालढांग, रसूलपुर, मीठीबेरी, गेंड़ीखाता, समसपुर, इंद्रानगर, जसपुर और नया गांव समेत विभिन्न क्षेत्रों में बुक्सा जनजाति की कृषि भूमि की कथित अवैध खरीद-फरोख्त और खुर्द-बुर्द किए जाने की शिकायत की। समिति ने मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की। वहीं, ग्राम कलालहरी निवासी सागर जोशी ने ग्राम कटोंदी मुस्तहकम, परगना भगवानपुर, तहसील रुड़की में स्थित अपनी कृषि भूमि की कंप्यूटरीकृत खसरा-खतौनी की नकल उपलब्ध कराने की मांग की।
निर्माण और जनसमस्याओं से जुड़े मामले भी उठे
देवभूमि पूर्व सैनिक कल्याण समिति ने पूर्व सैनिकों के लिए मिलन केंद्र स्थापित करने हेतु उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने की मांग की। निर्मल दास, हीरालाल और अनूप कुमार ने हरकी पैड़ी के निकट भीमगोड़ा रोड स्थित हनुमान मंदिर के पीछे पहाड़ी को कथित रूप से खोदकर किए जा रहे निर्माण कार्य को रोकने की मांग की। ग्राम दादूबास मजरा लालवाला निवासी शकूर पुत्र रशीद ने बताया कि 30 मार्च 2025 को उनके घर में आग लग गई थी, जिसके कारण उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आग से हुए नुकसान के एवज में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की।
लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रत्येक शिकायत का त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन शिकायतों में स्थलीय निरीक्षण आवश्यक है, उनमें संबंधित विभागों के अधिकारी आपसी समन्वय से मौके पर जाकर जांच करें और समस्या का समाधान सुनिश्चित करें।
सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर भी सख्ती
जनसुनवाई के दौरान सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों की भी समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों का गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ निस्तारण किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से 36 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान एल-1 स्तर पर 537 शिकायतें तथा एल-2 स्तर पर 115 शिकायतें निस्तारण के लिए लंबित पाई गईं। अधिकारियों को इन शिकायतों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
जनसुनवाई में मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह, अपर जिलाधिकारी प्रशासन जितेंद्र कुमार, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व वैभव गुप्ता, परियोजना निदेशक नलिनीती घिल्डियाल, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार पंत, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता योगेश कुमार, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी महिमानंद जोशी, जिला पर्यटन अधिकारी सुशील नौटियाल, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी मीरा रावत, डीपीआरओ मुस्तफा खां, यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता दीपक सैनी, उप नगर आयुक्त दीपक गोस्वामी, परियोजना अधिकारी उरेडा युद्धवीर सिंह बिष्ट सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और विभिन्न क्षेत्रों से आए फरियादी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

