सरकारी अस्पताल से डॉक्टरों के तबादलों का विराेध
हल्द्वानी , 01 जुलाई (हि.स.)। सरकारी अस्पताल से डॉक्टरों के तबादलों के विरोध में उत्तराखण्ड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन (ऐक्टू) कार्यकर्ती ने युवा नेता हेमन्त साहू के साथ उपजिलाधिकारी के माध्यम से उत्तराखण्ड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया। ज्ञापन में अस्पताल से किए गए डॉक्टरों के सामूहिक तबादलों पर तत्काल रोक लगाने तथा राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के रिक्त पद शीघ्र भरने की मांग की गई।
यूनियन की अध्यक्ष रिंकी जोशी ने कहा कि प्रदेश की सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था पहले से ही अनेक चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में हल्द्वानी महिला अस्पताल से बड़ी संख्या में डॉक्टरों के तबादले किए जाने से गरीब मरीजों, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और दूर-दराज़ से उपचार के लिए आने वाले लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने सरकार से जनहित में इन तबादलों को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
इस अवसर पर युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष हेमन्त साहू ने कहा कि सरकार को डॉक्टरों के तबादले करने के बजाय सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ चिकित्सकों, रेडियोलॉजिस्ट तथा अन्य आवश्यक चिकित्सा विशेषज्ञों के रिक्त पदों को प्राथमिकता के आधार पर भरना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए आशा कार्यकर्ताओं सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी कर्मियों के हितों का भी ध्यान रखा जाना आवश्यक है।
विशेषज्ञों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। ज्ञापन में रिंकी जोशी, प्रीति रावत, सरोज रावत, रीना वाला, ज्योति रावत, राम भट्ट, प्रियंका शाही, रोशनी, कमला आर्य, गीता बोरा सहित अन्य के हस्ताक्षर हैँ।
हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता

