नए वार्डों में हाउस टैक्स वसूली की तैयारी, घर आकर टीम पूछेगी, कितनी प्रॉपर्टी है आपके पास
हल्द्वानी, 08 जनवरी (हि.स.)। नगर निगम ने नए वार्डों में हाउस टैक्स वसूली की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। जीआईएस मैपिंग के बाद अब करीब 40 हजार भवन स्वामियों को घर-घर जाकर नोटिस दिए जाएंगे और मौके पर ही जीआईएस डाटा का सत्यापन किया जाएगा।
सत्यापन के दौरान टीम भवन और जमीन के स्वामित्व से जुड़ी जानकारी एकत्र करेगी, जिसके आधार पर भवन कर का निर्धारण किया जाएगा। शहरी विकास विभाग की ओर से पहले ही नगर निगम क्षेत्र के नए वार्डों में भवनों की जीआईएसमैपिंग कराई जा चुकी है। इस प्रक्रिया में डोर-टू-डोर सर्वे के साथ ड्रोन के माध्यम से भी डाटा एकत्र किया गया था।
मैपिंग के दौरान भवन का क्षेत्रफल, निर्माण की लंबाई-चौड़ाई, टेलीफोन नंबर और आधार कार्ड से संबंधित जानकारी दर्ज की गई थी। अब इस डाटा का भौतिक सत्यापन किया जाएगा, ताकि किसी भी प्रकार की कमी या त्रुटि को समय रहते सुधारा जा सके।निगम अधिकारियों के अनुसार नए वार्डों में व्यावसायिक भवनों का सत्यापन पहले ही पूरा किया जा चुका है। लगभग पांच हजार व्यावसायिक भवन चिह्नित किए गए हैं, जिनसे हाउस टैक्स की वसूली शुरू हो गई है।
वहीं आवासीय भवनों से कर वसूली अप्रैल 2028 से शुरू करने की तैयारी है।घर-घर सत्यापन के लिए नगर निगम जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगा। चयनित कंपनी की टीम भवन स्वामियों के पास जाकर जानकारी लेगी। यदि किसी कारणवश भवन स्वामी मौके पर जानकारी नहीं दे पाता है, तो उसे तय समय सीमा के भीतर नगर निगम कार्यालय में दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। निर्धारित समय में जानकारी न देने की स्थिति में जीआईएस मैपिंग के डाटा को ही अंतिम मान लिया जाएगा।इस संबंध में मेयर गजराज सिंह बिष्ट ने कहा कि नए वार्डों से हाउस टैक्स वसूलने से पहले मकानों की सही और प्रमाणिक जानकारी जुटाना जरूरी है। इसके लिए जल्द ही टीम घर-घर जाकर सत्यापन का कार्य शुरू करेगी।
हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता

