प्रेमचंद जयंती पर युवाओं ने साहित्य और सामाजिक सरोकारों पर किया मंथन
चम्पावत, 31 जुलाई (हि.स.)। मुंशी प्रेमचंद की जयंती के अवसर पर शुक्रवार को चम्पावत में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन और रंग्याली यूथ क्लब के संयुक्त तत्वावधान में विचार गोष्ठी एवं रचनात्मक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में युवाओं ने प्रेमचंद के जीवन,साहित्य और सामाजिक सरोकारों पर चर्चा की।
वक्ताओं ने कहा कि प्रेमचंद का साहित्य सामाजिक भेदभाव,जातिवाद,शोषण और कुरीतियों के खिलाफ सशक्त संदेश देता है और मानवीय मूल्यों को मजबूती प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि बदलते समय में भी प्रेमचंद की रचनाएं अपनी प्रासंगिकता बनाए हुए हैं और समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करती हैं।
आयोजकों ने बताया कि करीब दो वर्ष पहले रंग्याली यूथ क्लब के माध्यम से सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्यक्रमों की शुरुआत की गई थी। तब से विभिन्न विषयों पर संवाद, विचार-विमर्श और रचनात्मक गतिविधियों के जरिए युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी, नागरिक कर्तव्यों और अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यशाला में पंकज, बबीता, ऋषभ, शिवा, कृत्तिका, प्रियंका, सीमा, जगदीश, प्रियांशी और विवेक सहित अनेक प्रतिभागियों ने भाग लिया और प्रेमचंद की रचनाओं के माध्यम से सामाजिक समानता, संवेदनशीलता तथा जिम्मेदार नागरिकता के मूल्यों पर अपने विचार व्यक्त किए।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजीव मुरारी

