उत्तराखंड में सितंबर में 124 लाख यूनिट बिजली कटौती

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उत्तराखंड में सितंबर में 124 लाख यूनिट बिजली कटौती


देहरादून, 23 सितंबर (हि.स.)। उत्तराखंड में सितंबर के दौरान बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच अंतर का असर रोस्टरिंग (बिजली कटौती) के रूप में सामने आया है। ग्रिड इंडिया की दैनिक बिजली आपूर्ति स्थिति रिपोर्ट के अनुसार एक से 21 सितंबर तक राज्य में 12.4 मिलियन यूनिट यानी 124 लाख यूनिट बिजली की रोस्टरिंग दर्ज की गई। खास बात यह है कि राज्य में रोस्टरिंग का सिलसिला 10 सितंबर से शुरू हुआ और इसके बाद अलग-अलग दिनों में यह जारी रहा।

आंकड़ों के मुताबिक 10 सितंबर को 1.4 मिलियन यूनिट, 11 सितंबर को 2.2 मिलियन यूनिट और 12 सितंबर को 1.4 मिलियन यूनिट बिजली की रोस्टरिंग हुई। इसके बाद 14 से 21 सितंबर के बीच भी कई दिनों में रोस्टरिंग दर्ज की गई। 21 सितंबर को यह आंकड़ा 2.3 मिलियन यूनिट रहा, जो इस अवधि में उत्तराखंड के लिए दर्ज प्रमुख दैनिक आंकड़ों में शामिल है।

ग्रिड इंडिया के आंकड़े यह भी बताते हैं कि सितंबर के पहले 21 दिनों में बिजली रोस्टरिंग का दबाव केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं रहा। देशभर में इस अवधि में कुल 493.3 मिलियन यूनिट बिजली की रोस्टरिंग दर्ज हुई। उत्तराखंड का हिस्सा 12.4 मिलियन यूनिट रहा।

राज्यों के बीच तुलना करें तो पंजाब में 91.2 मिलियन यूनिट के साथ सबसे अधिक रोस्टरिंग दर्ज हुई। इसके बाद हरियाणा में 68.9 मिलियन, महाराष्ट्र में 42.9 मिलियन, केरल में 41.5 मिलियन और उत्तर प्रदेश में 39.0 मिलियन यूनिट रोस्टरिंग दर्ज की गई। इस लिहाज से उत्तराखंड का आंकड़ा इन राज्यों की तुलना में कम है, लेकिन राज्य में सितंबर के दूसरे पखवाड़े में रोस्टरिंग का लगातार दर्ज होना बिजली आपूर्ति की स्थिति पर ध्यान खींचता है।

उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में बिजली की मांग का स्वरूप मौसम, पर्यटन गतिविधियों और मैदानी क्षेत्रों में बढ़ती खपत के साथ बदलता रहता है। चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान भी कई क्षेत्रों में विद्युत मांग का दबाव बढ़ सकता है। ऐसे में रोस्टरिंग के आंकड़े राज्य की बिजली उपलब्धता और मांग के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती को सामने रखते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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