आंगनबाड़ी आंदोलन पर विपक्ष का सरकार पर हमला
देहरादून, 27 अप्रैल (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने उत्तराखंड में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आंदोलन को लेकर राज्य सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि यह आंदोलन सरकार की संवेदनहीनता का प्रमाण है, जहां समाज के सबसे कमजोर वर्गों की जिम्मेदारी निभाने वाली महिलाएं अपने हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं।
यशपाल आर्य ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सीमित संसाधनों में मातृ-शिशु स्वास्थ्य,पोषण, टीकाकरण जागरूकता और कुपोषण उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं, लेकिन उन्हें समय पर मानदेय तक नहीं मिल रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि महीनों से मानदेय लंबित है, दो वर्षों से भवन किराया नहीं दिया गया है और कोविड काल में घोषित पारितोषिक भी अधूरा है। इसके अलावा कुक्ड फूड और टीएचआर (टेक होम राशन) की राशि भी लंबित बताई गई है।
उन्होंने कहा कि ढुलान (परिवहन) के लिए कोई प्रावधान नहीं है और सैनिटरी नेपकिन योजना में भी कार्यकर्ताओं पर आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
यशपाल आर्य ने सरकार से सभी लंबित मानदेय और भुगतान तुरंत जारी करने, भवन किराया और कोविड पारितोषिक का निस्तारण करने, टीएचआर एवं पोषण योजनाओं के लिए नियमित फंडिंग सुनिश्चित करने और ढुलान के लिए अलग बजट तय करने की मांग की।
साथ ही उन्होंने कहा कि सैनिटरी नेपकिन योजना में पारदर्शिता लाई जाए और कार्यकर्ताओं पर डाला गया आर्थिक बोझ समाप्त किया जाए।
यशपाल आर्य ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं किया तो आंदोलन पूरे प्रदेश में और व्यापक हो सकता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को विधानसभा से लेकर सड़क तक उठाएगा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के समर्थन में खड़ा रहेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

