पीएम आवास योजना-शहरी 2.0 में उत्तराखंड अव्वल, नई दिल्ली में मिला पुरस्कार

WhatsApp Channel Join Now
पीएम आवास योजना-शहरी 2.0 में उत्तराखंड अव्वल, नई दिल्ली में मिला पुरस्कार


देहरादून, 05 अक्टूबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत स्वीकृत आवासों के सापेक्ष सर्वाधिक ग्राउंडिंग अनुपात हासिल करने पर उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर ‘सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य’ के रूप में सम्मानित किया गया है। नई दिल्ली के विज्ञान भवन में सोमवार को केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने उत्तराखंड को यह पुरस्कार प्रदान किया।

राज्य की ओर से शहरी विकास विभाग के निदेशक/अपर सचिव विनोद गोस्वामी और शहरी विकास निदेशालय सहायक निदेशक राजीव पांडे ने यह पुरस्कार ग्रहण किया।

विनोद गोस्वामी ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत उत्तराखंड के लिए 3,979 आवास स्वीकृत किए गए हैं। इनमें से 1,867 आवासों की ग्राउंडिंग पूरी हो चुकी है। केंद्र सरकार ने अगस्त में 1,647 अतिरिक्त आवासों को मंजूरी दी थी, जिसकी धनराशि सितंबर में राज्य सरकार को जारी की गई। निकायों को धनराशि उपलब्ध कराकर शेष स्वीकृत आवासों की भी ग्राउंडिंग कराई जाएगी। वर्तमान में 2,332 आवासों के निर्माण के लिए केंद्र सरकार से धनराशि अवमुक्त हो चुकी है। इसके सापेक्ष 88 प्रतिशत आवासों का निर्माण कार्य शुरू किया जा चुका है। विभाग के अनुसार योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित निकायों के साथ लगातार समन्वय और अनुश्रवण किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत उत्तराखंड में 62,272 आवास स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 53,320 आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। योजना के क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार ने केंद्रीयांश के रूप में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक तथा राज्य सरकार ने करीब 300 करोड़ रुपये राज्यांश के रूप में जारी किए हैं।

लाभार्थी आधारित निर्माण (बीएलसी) घटक के तहत 19,380 आवास पूरे किए जा चुके हैं। भागीदारी में किफायती आवास (एएचपी) घटक के तहत करीब 15,960 आवासों में से 11,848 से अधिक आवासों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष आवास अंतिम चरण में हैं। वहीं, ऋण आधारित ब्याज सब्सिडी (सीएलएसएस) घटक के तहत 19,190 आवासों के लिए केंद्र सरकार ने ब्याज सब्सिडी उपलब्ध कराई है।

विभाग ने बताया कि पात्र परिवारों तक योजना का लाभ पहुंचाने और निर्माणाधीन आवासों को शीघ्र पूरा कराने के लिए संबंधित निकायों और कार्यदायी संस्थाओं के साथ लगातार समन्वय एवं अनुश्रवण किया जा रहा है।

--------------

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

Share this story