प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के ज्वलंत और जनता के मुद्दों को किया नजरअंदाज: कांग्रेस

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देहरादून, 14 अप्रैल (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के देहरादून दौरे पर उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश के ज्वलंत मुद्दों और जनता से जुड़े सवालों को पूरी तरह नजरअंदाज किया।

मंगलवार काे कांग्रेस प्रदेश कमेटी के अध्यक्ष गणेश गाेदियाल ने एक जारी कर कहा कि बीते रोज कांग्रेस ने 10 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रधानमंत्री से जवाब मांगा गया था, जो सीधे-सीधे उत्तराखंड की जनता और प्रदेश की व्यवस्था से जुड़े सवाल थे। दुर्भाग्यपूर्ण है कि प्रधानमंत्री ने इन सवालों को “चिमटे से भी नहीं छुआ।” उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के गौरवशाली सैन्य परंपरा का जिक्र तो किया, लेकिन सच्चाई यह है कि केंद्र सरकार कर लाई गई अग्निपथ योजना ने सेना में भर्ती होने का सपना संजोय युवाओं के आकांक्षाओं को चकनाचूर कर किया है।

प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य में बढ़ते महिला अपराधों पर चिंता जताते हुए कहा कि उत्तराखंड आज महिला अपराध के मामलों में शीर्ष राज्यों में शामिल हो गया है और चिंताजनक बात यह है कि इन मामलों में सत्तारूढ़ दल के लोगों की संलिप्तता के आरोप सामने आ रहे हैं। अंकिता भंडारी हत्याकांड का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा के कई बड़े नेताओं पर गंभीर आरोप लगे हैं। मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच की घोषणा की थी, लेकिन आज तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि जांच किस स्थिति में है।

दिल्ली-देहरादून हाईवे के लोकार्पण पर प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह परियोजना यदि “भाग्य रेखा” है, तो सरकार यह स्पष्ट करे कि इससे उत्तराखंड को वास्तविक लाभ क्या मिलेगा। क्या उत्तराखंड को स्थाई राजधानी मिल जाएगी? भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए लोकायुक्त की नियुक्ति होगी?एक सख्त भू कानून मिलेगा? उन्होंने कहा कि दिल्ली से देहरादून की यात्रा 2.5 घंटे में पूरी होने की सुविधा ने स्थानीय निवासियों में असमंजस में डाल दिया है। बढ़ते यातायात और संभावित दबाव को लेकर गंभीर चिंताएं भी सामने आ रही हैं। उन्होंने राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियों से आग्रह किया कि वे निवासियों और पर्यटकों दोनों के लिए स्पष्ट ट्रैफिक एडवाइजरी और ठोस मोबिलिटी प्लान जारी करें, ताकि इन चिंताओं को समय रहते दूर किया जा सके।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि देहरादून शहर की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह हाईवे आने वाले समय में गंभीर चुनौतियां खड़ी कर सकता है। देहरादून की आंतरिक सड़कें न तो पर्याप्त चौड़ी हैं, न ही पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम इतना सशक्त है और न ही शहर की भार अधिग्रहण क्षमता इतनी अधिक है कि वह अचानक बढ़ने वाले यातायात के दबाव को संभाल सके। दिल्ली और हरियाणा से आने वाले पर्यटकों को मसूरी, ऋषिकेश और हरिद्वार जाने के लिए देहरादून से होकर गुजरना पड़ेगा, जिससे शहर एक “बॉटलनेक” या “चोक पॉइंट” बन सकता है। ऐसे में राज्य सरकार की क्या तैयारी है, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।

प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के रोड शो के लिए हजारों की संख्या में छात्र-छात्राओं को जबरन मानव श्रृंखला बनाने के लिए तपती धूप में घंटों खड़ा किया गया। इसी तरह विभिन्न कॉलेजों—मेडिकल, इंजीनियरिंग संस्थानों के साथ आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा बहनों, महिला मंगल दलों और फैक्ट्रियों में कार्यरत श्रमिकों तक लोगों को रोड शो में भेजने के लिए कहा गया था।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की लोकप्रियता का ग्राफ गिर रहा है और भाजपा के मंत्री, विधायक, पार्षद, जिला व ब्लॉक अध्यक्ष सहित संगठनात्मक पदाधिकारी भी स्वाभाविक रूप से भीड़ जुटाने में असफल साबित हो रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि भाजपा के उत्तराखंड प्रभारी दुष्यंत गौतम का प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के मंच पर नजर न आना भी कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में उन पर लगे गंभीर आरोपों के चलते भाजपा नेतृत्व उनसे दूरी बनाता दिखाई दे रहा है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस ने एक जिम्मेदार मुख्य विपक्षी दल की भूमिका निभाते हुए जनता के मुद्दों को उठाया। प्रधानमंत्री का नैतिक दायित्व था कि उन मुद्दों पर बात करना चाहिए था। उन्हाेंने वर्ष् 2017 से लेकर अब तक पिछले 9 सालों में वह सिर्फ उत्तराखंड की जनता को सब्जबाग दिखाने का काम किया है।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल

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