पेंशनभोगियों व वरिष्ठ नागरिकों की मांगों को आगामी विधानसभा सत्र में प्रमुखता से उठाएंगे सुमित

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हल्द्वानी , 26 अगस्त (हि.स.)। पेंशनभोगियों एवं वरिष्ठ नागरिकों की विभिन्न महत्वपूर्ण समस्याओं और लंबित मांगों को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल ने हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश से उनके आवास पर मुलाकात कर विस्तृत चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने पेंशनभोगियों एवं वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े विभिन्न विषयों को विधायक के समक्ष रखते हुए सरकार से आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने मानकीकरण अधिनियम, 2025 के कुछ प्रावधानों को लेकर अपनी आपत्तियां व्यक्त करते हुए इसे वापस लेने अथवा पेंशनभोगियों के हित में आवश्यक संशोधन किए जाने की मांग रखी। प्रतिनिधिमंडल का कहना था कि समान परिस्थितियों में सेवाएं देने वाले पेंशनभोगियों के बीच किसी भी प्रकार की असमानता उत्पन्न नहीं होनी चाहिए तथा समान पेंशन के सिद्धांत की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

इसके साथ ही पारिवारिक उपभोग इकाई में आवश्यक संशोधन करते हुए पत्नी को पुरुष सदस्य के समान 1.0 उपभोग इकाई प्रदान करने, आश्रित माता-पिता को पारिवारिक उपभोग इकाई में शामिल करने तथा कुल इकाइयों की सीमा बढ़ाने की मांग भी रखी गई। वरिष्ठ नागरिकों की बढ़ती आयु के साथ चिकित्सा एवं स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में होने वाली वृद्धि को देखते हुए प्रतिनिधिमंडल ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए पृथक महंगाई राहत सूचकांक निर्धारित किए जाने की मांग की। इसके अतिरिक्त 65 वर्ष की आयु से अतिरिक्त पेंशन प्रदान किए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 65 वर्ष की आयु पर 5 प्रतिशत, 70 वर्ष की आयु पर 10 प्रतिशत तथा 75 वर्ष की आयु पर 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन दिए जाने की मांग रखी गई।

प्रतिनिधिमंडल ने कम्यूटेड पेंशन की वसूली अवधि को वर्तमान 15 वर्ष से घटाकर 11 वर्ष किए जाने की मांग भी विधायक के समक्ष रखी। प्रतिनिधिमंडल के अनुसार वास्तविक वसूली अवधि लगभग 10 वर्ष 8 माह में पूरी हो जाने के बावजूद वर्तमान व्यवस्था में 15 वर्ष तक वसूली की जाती है, इसलिए इस अवधि की पुनर्समीक्षा आवश्यक है। इसके अलावा सभी पेंशनभोगियों के लिए समान एवं कैशलेस स्वास्थ्य सुविधाएं, ओपीडी एवं आईपीडी सेवाओं में समानता तथा वरिष्ठ नागरिकों को स्वास्थ्य सुविधाओं में प्राथमिकता दिए जाने की मांग भी रखी गई।

विधायक सुमित हृदयेश ने प्रतिनिधिमंडल की सभी समस्याओं एवं मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना और कहा कि पेंशनभोगियों एवं वरिष्ठ नागरिकों ने अपने जीवन का महत्वपूर्ण समय देश एवं समाज की सेवा में समर्पित किया है। ऐसे में उनके सम्मान, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं एवं आर्थिक हितों से जुड़े विषयों की अनदेखी नहीं की जा सकती।

विधायक ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पेंशनभोगियों एवं वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े इन महत्वपूर्ण विषयों को आगामी विधानसभा सत्र में प्रमुखता से उठाया जाएगा तथा सरकार का ध्यान इन मांगों की ओर आकर्षित करते हुए आवश्यक कार्रवाई के लिए प्रभावी पैरवी की जाएगी। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि पेंशनभोगियों एवं वरिष्ठ नागरिकों को न्यायसंगत सुविधाएं और उनका उचित अधिकार प्राप्त हो तथा उनकी समस्याओं का सकारात्मक समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इस दौरान ईपीसी जोशी, लीलाधर पांडेय, विजय तिवारी, वीर सिंह बिष्ट, ई०जे०सी० पन्तौला, ई० वीएसगैडा, ईएससी पंत, जेएस कन्याल सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / अनुपम गुप्ता

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