कांग्रेस ने की अंकिता हत्याकांड की सीबीआई जांच की प्रगति सार्वजनिक करने की मांग
हरिद्वार, 21 अगस्त (हि.स.)। उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार और जांच एजेंसी से मामले की जांच की वर्तमान स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मामले में सीबीआई जांच शुरू होने के कई माह बाद भी जांच की प्रगति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है।
प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष अमन गर्ग ने कहा कि पार्टी ने अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद से ही निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन और विभिन्न आंदोलन किए। पार्टी की ओर से मामले की सीबीआई जांच की मांग लगातार उठाई जाती रही।
कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी प्रमुखता से उठाया था। कांग्रेस के अनुसार, लंबे जनदबाव और अंकिता के परिजनों की मांग के बाद राज्य सरकार ने जनवरी 2026 में मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति की, जिसके बाद सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच शुरू की।
अमन गर्ग ने कहा कि कई माह बीत जाने के बावजूद जांच की प्रगति सार्वजनिक नहीं की गई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अंकिता के परिजनों की ओर से जिन दो भाजपा नेताओं के नाम कथित तौर पर वीआईपी के रूप में सार्वजनिक किए गए थे, उनका अब तक सीबीआई जांच में उल्लेख सामने नहीं आया है। बल्कि उनका प्रमोशन कर अन्य राज्य भेजने का कार्य भाजपा ने किया है।
अमन गर्ग ने कहाकि कांग्रेस की प्रमुख मांगें, अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच की वर्तमान स्थिति और प्रगति सार्वजनिक की जाए। साथ ही जांच के दौरान सामने आए महत्वपूर्ण तथ्यों और निष्कर्षों को जनता के सामने रखने की मांग की गई। मामले से जुड़े प्रत्येक आरोपित और कथित षड्यंत्र में शामिल व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने तथा अंकिता भंडारी के परिवार को पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने की जाए।
इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता मुरली मनोहर, महेश राणा, महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष संतोष चौहान, सीपी सिंह और अरविंद आदि शामिल रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

