आपदा प्रबंधन : प्रदेश में सोमवार से आरेंज अलर्ट, सतर्क रहने के निर्देश
देहरादून, 25 जुलाई (हि.स.)। आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट व राज्य में सक्रिय मानसून को देखते हुए सचिव, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी जनपदों को उच्च सतर्कता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
एसईओसी में शनिवार काे आयोजित बैठक में उन्होंने मानसून के दौरान अब तक विभिन्न जनपदों में हुई क्षति, राहत एवं पुनर्बहाली कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए क्षति की रिपोर्ट शीघ्र शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। सचिव आपदा प्रबंधन ने कहा कि जनपद स्तर पर प्राप्त सूचनाओं का नियमित विश्लेषण कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग, पीएमजीएसवाई तथा संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को बंद पड़े सभी मार्गों, विशेष रूप से ग्रामीण मार्गों को शीघ्र खोलने के निर्देश दिए।
राज्य में मौसम का अनुमान
सचिव आपदा प्रबंधन ने बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने 27 जुलाई को देहरादून व बागेश्वर जनपदों के लिए, 28 जुलाई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल और देहरादून जनपदों के लिए व 29 जुलाई को उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली एवं बागेश्वर जनपदों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसे देखते हुए सभी जनपदों को पूर्व तैयारी, त्वरित प्रतिक्रिया तथा संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन प्रकाश चंद्र, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा, डाॅ. पीडी माथुर के साथ ही यूएसडीएमए के विशेषज्ञ व विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को किया जाएगा सम्मानित
सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी जनपदों को निर्देश दिए कि आपदा के दौरान साहसिक, उत्कृष्ट एवं असाधारण कार्य करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों तथा आपदा से जुड़े कार्मिकों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए 26 जनवरी, 15 अगस्त एवं 9 नवम्बर (उत्तराखण्ड स्थापना दिवस) के अवसर पर सम्मानित किया जाए।
पोर्टल पर उपलब्ध होगी उपकरणों की पूरी जानकारी
सचिव आपदा प्रबंधन ने निर्देश दिए कि सभी जनपद अपने-अपने क्षेत्र में उपलब्ध आपदा प्रबंधन उपकरणों, मशीनरी एवं प्रशिक्षित मानव संसाधनों का विवरण आईडीआरएन पोर्टल पर अपलोड करें। इससे आपदा के समय यह जानकारी तत्काल उपलब्ध हो सकेगी कि कौन-से उपकरण एवं प्रशिक्षित संसाधन किस जनपद या स्थान पर उपलब्ध हैं, जिससे आवश्यकता पड़ने पर उन्हें बिना विलंब प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल

