नीट-यूजी फर्जी दस्तावेज मामले में दो और गिरफ्तार
देहरादून, 28 सितंबर (हि.स.)। नीट-यूजी 2025 में कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एमबीबीएस में प्रवेश दिलाने के मामले में देहरादून पुलिस की एसआईटी ने साेमवार काे दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार प्रकरण में अब तक पांच आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
पुलिस के मुताबिक 13 सितंबर को रायपुर और क्लेमेंटाउन थाने में अलग-अलग अभ्यर्थियों की ओर से स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकारी पोर्टल पर कूटरचित दस्तावेजों के साथ आवेदन करने के मामले में मुकदमे दर्ज किए गए थे। जांच के दौरान संबंधित दस्तावेज फर्जी पाए गए।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून परमेंद्र सिंह डोबाल ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण-1 जया बलोनी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया। जांच के दौरान एसआईटी ने संबंधित अभ्यर्थियों के दस्तावेज और शिक्षण संस्थानों से जुड़े अभिलेख कब्जे में लेकर उनका परीक्षण किया। पुलिस के अनुसार अभ्यर्थियों द्वारा दिए गए पते भी गलत पाए गए। जांच में सामने आए साक्ष्यों के आधार पर एसआईटी ने संजय कुमार और गिरीश सिंह को पूछताछ के लिए रायपुर थाने लाया। पुलिस के अनुसार पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस का दावा है कि संजय कुमार और गिरीश सिंह ने तीन अभ्यर्थियों के कूटरचित दस्तावेज, आधार कार्ड, डोमिसाइल और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र तैयार कराने और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश दिलाने में सहयोग किया था। इसके एवज में दोनों की ओर से अनुचित धनराशि प्राप्त किए जाने की बात जांच में सामने आई है। इस मामले में एसआईटी पहले ही रुपेश पंडित,अरविंद कुमार और धीरज कुमार श्रीवास्तव को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

