राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की 90वीं बैठक, संरक्षण मुद्दों पर हुआ मंथन

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राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की 90वीं बैठक, संरक्षण मुद्दों पर हुआ मंथन


राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति की 90वीं बैठक, संरक्षण मुद्दों पर हुआ मंथन


देहरादून, 21 मार्च (हि.स.)। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव की अध्यक्षता में राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड (एनबीडब्ल्यूएल) की स्थायी समिति की 90वीं बैठक शनिवार को देहरादून में आयोजित की गई। बैठक में वन्यजीव संरक्षण से जुड़े प्रमुख नीतिगत मुद्दों पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में सड़क, पेयजल, पारेषण लाइन, रक्षा और सिंचाई से संबंधित विभिन्न परियोजनाओं के प्रस्तावों की समीक्षा की गई। साथ ही वन अग्नि प्रबंधन और वन्यजीव संरक्षण में आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया गया।

इस दौरान भारतीय वन सर्वेक्षण (एफएसआई) और भास्कराचार्य राष्ट्रीय अंतरिक्ष अनुप्रयोग एवं भू-सूचना विज्ञान संस्थान (बीआईएसएजी-एन) के बीच एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी, रिमोट सेंसिंग तथा एआई/एमएल आधारित उपकरणों के माध्यम से वन और वन्यजीव प्रबंधन को सुदृढ़ करना है।

समिति ने पूर्व में हुई बैठकों के निर्णयों पर प्रगति की समीक्षा करते हुए प्रजातियों के संरक्षण, आवास प्रबंधन और संस्थागत सुदृढ़ीकरण से संबंधित पहलों की स्थिति का आकलन किया।

बैठक में चंबल नदी में पर्यावरणीय प्रवाह बनाए रखने के मुद्दे पर चर्चा की गई, ताकि डॉल्फिन, घड़ियाल और अन्य जलीय प्रजातियों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा घास के मैदानों और चारागाहों के संरक्षण, जैव विविधता, कार्बन पृथक्करण और पशुपालकों की आजीविका से जुड़े पहलुओं पर भी विचार किया गया।

समिति ने संरक्षित क्षेत्रों में खानाबदोश और पशुपालक समुदायों की निर्भरता के मुद्दे पर संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिसमें पारंपरिक प्रथाओं और सामाजिक-आर्थिक पहलुओं को ध्यान में रखा जाए।

बैठक में जंगली जल भैंसों के संरक्षण की स्थिति की समीक्षा करते हुए उनके लिए एक व्यापक कार्य योजना तैयार करने की सिफारिश की गई।

राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति, वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत गठित एक वैधानिक निकाय है, जो वन्यजीव संरक्षण और प्रबंधन से जुड़े मामलों में सरकार को परामर्श प्रदान करती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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