नाबालिग से दुष्कर्म, बच्चे के जन्म के आरोपित साहिल की दूसरी जमानत अर्जी खारिज
नैनीताल, 10 सितंबर (हि.स.)। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-विशेष न्यायाधीश पॉक्सो न्यायालय के न्यायाधीश सुधीर तोमर की न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपित साहिल पुत्र नजीर हुसैन, निवासी वार्ड संख्या-3 भवाली के दूसरे जमानत प्रार्थना पत्र को भी खारिज कर दिया है। आरोपित के विरुद्ध भवाली थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 64 के साथ अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम तथा पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं में अभियोग दर्ज है।
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक-पॉक्सो सुशील कुमार शर्मा ने जमानत का विरोध किया। अभियोजन के अनुसार पीड़िता की मां की ओर से आरोपित के विरुद्ध नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। आरोपित पर नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने का आरोप है, जिसके परिणामस्वरूप पीड़िता गर्भवती हुई और बाद में बच्चे का जन्म हुआ। मामले में डीएनए जांच रिपोर्ट भी आरोपित के विरुद्ध आई है।
वहीं बचाव पक्ष की ओर से तर्क दिया गया कि आरोपित निर्दोष है और उसे झूठे तथ्यों के आधार पर फंसाया गया है। यह भी कहा गया कि पीड़िता ने आरोपित के विरुद्ध बयान नहीं दिया है और उसके बयानों से अभियोजन का मामला पुष्ट नहीं होता। आरोपित की ओर से दूसरी जमानत पर रिहाई का अनुरोध किया गया। लेकिन न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों और पत्रावली का अवलोकन करने के बाद माना कि मामला गंभीर प्रकृति का है।
न्यायालय ने पीड़िता के बयान, डीएनए जांच रिपोर्ट तथा अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए आरोपित को जमानत देने का उचित आधार नहीं पाया। न्यायालय ने यह भी उल्लेख किया कि आरोपित का पहला जमानत प्रार्थना पत्र पूर्व में गुण-दोष के आधार पर निरस्त किया जा चुका है। इसके बाद न्यायालय ने साहिल की दूसरा जमानत प्रार्थना पत्र भी निरस्त कर दिया है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

