बरसात में राहत कार्य तेज करने को पौड़ी की 55 ग्राम पंचायतों को मिले बुशकटर
पौड़ी गढ़वाल, 24 जुलाई (हि.स.)।बरसात के दौरान झाड़ियों से बाधित होने वाले राहत और बचाव कार्यों को गति देने के लिए पौड़ी जिले में नई पहल शुरू की गई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से पायलट प्रोजेक्ट के तहत जिले की 55 ग्राम पंचायतों को बुशकटर उपलब्ध कराए गए हैं।
शुक्रवार को जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने जिला मुख्यालय में ग्राम प्रधानों को बुशकटर वितरित करते हुए कहा कि यह पहल गांवों में आपदा जोखिम कम करने के साथ स्वच्छता और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने में भी अहम भूमिका निभाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि पहले चरण में 55 ग्राम पंचायतों को बुशकटर दिए जा रहे हैं। जो ग्राम प्रधान कार्यक्रम में मौजूद नहीं थे, वे संबंधित तहसीलों से उपकरण प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि योजना के परिणाम और ग्राम पंचायतों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर इसे जिले की अन्य पंचायतों तक भी विस्तार दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि बरसात में सड़क, संपर्क मार्ग, पैदल रास्तों और जल निकासी मार्गों के किनारे उगने वाली झाड़ियां दुर्घटनाओं का कारण बनने के साथ राहत एवं बचाव कार्यों में भी बाधा उत्पन्न करती हैं। बुशकटर के नियमित उपयोग से इन स्थानों की समय पर सफाई होगी, जिससे आपदा के समय राहत दलों की आवाजाही आसान होगी और ग्रामीणों की सुरक्षा भी बढ़ेगी।
जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों से उपकरणों का जिम्मेदारी के साथ उपयोग करने की अपील करते हुए कहा कि यह केवल झाड़ियों की कटान का साधन नहीं, बल्कि गांवों में आपदा प्रबंधन को मजबूत करने का प्रभावी माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत से नियमित फीडबैक लिया जाएगा ताकि योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
ग्राम प्रधानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि बुशकटर मिलने से गांवों, सार्वजनिक स्थलों और संपर्क मार्गों की नियमित सफाई आसान होगी। इससे जंगली जानवरों का खतरा कम होगा, आवागमन सुगम बनेगा और बरसात के दौरान आपदा संबंधी जोखिम भी घटेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

