उत्तराखंड में मानसून का असर तेज, कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; भूस्खलन से सड़कें बाधित
-यमुनोत्री हाईवे खुला, टनकपुर-जौलजीबी मार्ग बंद
देहरादून, 08 जुलाई (हि.स.)। प्रदेश में मानसून के सक्रिय होने से लगातार हो रही बारिश का असर जनजीवन पर दिखने लगा है। कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने से सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। मौसम विभाग ने बुधवार को राज्य के कई जिलों में भारी बारिश और आकाशीय बिजली की चेतावनी जारी की है।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, वर्षा के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में कई सड़कें और संपर्क मार्ग भी बाधित हैं, जिन्हें खोलने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
उत्तरकाशी जिले में बुधवार सुबह यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-134) पर स्यानाचट्टी के पास सड़क पर मलबा और पत्थर आने से यातायात कुछ समय के लिए बाधित हो गया। संबंधित एजेंसी ने त्वरित कार्रवाई कर मलबा हटाया, जिसके बाद मार्ग पर यातायात बहाल कर दिया गया।
उधर, चम्पावत जिले में टनकपुर-जौलजीबी मोटर मार्ग किमी 14.900 पर भूस्खलन के कारण यातायात बंद है। मार्ग को खोलने के लिए पोकलेन मशीन से मलबा हटाने का कार्य जारी है।
मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के अनुसार, बुधवार को देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, चम्पावत, बागेश्वर, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा होने की संभावना है। इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने तथा वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की चेतावनी भी जारी की गई है। विभाग ने पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टान गिरने, सड़कें अवरुद्ध होने और नदियों-नालों के जलस्तर में वृद्धि की आशंका जताते हुए लोगों और यात्रियों से अनावश्यक यात्रा से बचने तथा मौसम और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

