प्रधानमंत्री मोदी के 25 साल के सेवा काल पर परमार्थ निकेतन में हुआ विशेष यज्ञ
ऋषिकेश, 07 अक्टूबर (हि.स.)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर बुधवार को परमार्थ निकेतन में विशेष यज्ञ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सायंकालीन गंगा आरती को भी प्रधानमंत्री के राष्ट्रसेवा के 25 वर्षों को समर्पित किया गया।
परमार्थ पीठाधीश्वर स्वामी चिदानन्द सरस्वती के सान्निध्य में ऋषिकुमारों ने यज्ञ में आहुति दी और देश की समृद्धि, शांति, प्रगति, सांस्कृतिक चेतना और विश्वकल्याण की कामना की। प्रधानमंत्री के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और राष्ट्रसेवा की निरंतर शक्ति के लिए भी प्रार्थना की गई।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्रसेवा, संकल्प, साधना और समर्पण की यात्रा हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात से शुरू हुई यह यात्रा विकसित भारत के संकल्प से लेकर वैश्विक शांति और विश्वकल्याण की भावना तक पहुंची है।
उन्होंने कहा कि इन वर्षों में सेवा, सुशासन, राष्ट्र प्रथम की भावना और विकास के साथ विरासत के संरक्षण पर जोर दिया गया। उनके अनुसार डिजिटल इंडिया, यूपीआई, जी-20, आत्मनिर्भर भारत सहित विभिन्न पहलों ने भारत की वैश्विक पहचान को मजबूत किया है।
स्वामी चिदानन्द ने कहा कि प्रधानमंत्री की कार्यशैली में अथक परिश्रम, संकल्पशक्ति और राष्ट्र को सर्वोपरि रखने का भाव प्रमुख है। उन्होंने कहा कि भारत की सभ्यता और सांस्कृतिक चेतना को विश्व पटल पर स्थापित करने की दिशा में हुए कार्यों का प्रभाव आने वाले समय में भी दिखाई देगा।
उन्होंने कहा कि परमार्थ निकेतन से मां गंगा के तट पर भारत के वैभव, आत्मविश्वास और सांस्कृतिक चेतना के विस्तार की कामना की गई। साथ ही 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को विश्वकल्याण से जोड़ने की प्रार्थना की गई। इस अवसर पर आयोजित गंगा आरती में भी राष्ट्र की शांति, समृद्धि और कल्याण की कामना की गई।
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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

