पुस्तक ‘यायावर की यादें’ का लोकार्पण

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पुस्तक ‘यायावर की यादें’ का लोकार्पण


देहरादून, 24 अप्रैल (हि.स.)। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र में शुक्रवार को वरिष्ठ लेखक देवेन्द्रमेवाड़ी की संस्मरण पुस्तक ‘यायावर की यादें’ का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में साहित्य और विज्ञान लेखन से जुड़े कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लेकर पुस्तक की प्रासंगिकता और उपयोगिता पर विचार व्यक्त किए।

कार्यक्रम में राजेश सकलानी ने देवेन्द्र मेवाड़ी को “जनता का लेखक” बताते हुए कहा कि उनकी लेखनी संवादपरक और सहज है। उन्होंने इस पुस्तक को विज्ञान लेखन के महत्व को समझाने वाली जरूरी कृति बताया, जो विद्यार्थियों और जिज्ञासु पाठकों के लिए उपयोगी है।

डॉ.नवीन नैथानी ने कहा कि पुस्तक में 1960 के दशक से लेकर वर्तमान समय तक के रचनाकारों की साहित्यिक यात्रा और उस दौर के सामाजिक-सांस्कृतिक परिदृश्य को गंभीरता से प्रस्तुत किया गया है। उनके अनुसार, यह पुस्तक समकालीन साहित्य का महत्वपूर्ण दस्तावेज है।

डॉ. जितेन ठाकुर ने कहा कि यह कृति एक समय विशेष के लेखकीय संबंधों को प्रामाणिक रूप से सामने लाती है और यह दर्शाती है कि किस प्रकार समय और व्यक्ति मिलकर स्मृतियों को आकार देते हैं।

इस अवसर पर लेखक देवेन्द्र मेवाड़ी ने बताया कि पुस्तक के संस्मरण उनके जीवन में मिले विशिष्ट व्यक्तित्वों से जुड़ी यादों पर आधारित हैं। इसमें भीष्म साहनी, शैलेश मटियानी, वीरेन डंगवाल, एपीजे अब्दुल कलाम सहित अनेक प्रमुख हस्तियों के साथ उनके अनुभवों का उल्लेख है।

कार्यक्रम का संचालन चन्द्रशेखर तिवारी ने किया। इस दौरान शहर के अनेक साहित्यकार, लेखक, पाठक और प्रबुद्धजन उपस्थित रहे तथा अंत में प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।कार्यक्रम के दौरान इब्बार रबी, राजीव नयन बहुगुणा, कल्याण सिंह रावत मैती, कांता डंगवाल, सुनीता मलेथा, मोहन चौहान, अरविन्द शेखर, कल्याण बुटोला, राजेन्द्र गुप्ता, राकेश भट्ट, आलोक सरीन, कुंवर राज अस्थाना, विभूति भूषण भट्ट, मधन सिंह, जगदीश सिंह महर, निकोलस हॉफलैण्ड सहितशहर के अनेक साहित्यकार, लेखक पाठक, साहित्य प्रेमी और अन्य प्रबुद्ध जन उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

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