उत्तराखंड में बढ़ा मेडिकल शिक्षा का दायरा, एमबीबीएस की सीटें 1700 हुईं

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उत्तराखंड में बढ़ा मेडिकल शिक्षा का दायरा, एमबीबीएस की सीटें 1700 हुईं


-धामी सरकार के कार्यकाल में तीन नए राजकीय मेडिकल कॉलेज शुरू, रुद्रपुर को 100 सीटों की मंजूरी मिलने की उम्मीद

देहरादून, 13 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तराखंड में मेडिकल शिक्षा का दायरा बढने के साथ एमबीबीएस की सीटें 1700 हो गई हैं। राज्य में पिछले पांच वर्षों के दौरान तीन नए राजकीय मेडिकल कॉलेज शुरू हुए हैं।

रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज को भी जल्द 100 एमबीबीएस सीटों की अनुमति मिलने की उम्मीद है। इन सीटों को मंजूरी मिलने के बाद प्रदेश के छह राजकीय मेडिकल कॉलेजों में वर्तमान 675 सीटों की संख्या बढ़कर 775 हो जाएगी। निजी मेडिकल कॉलेजों और एम्स ऋषिकेश को मिलाकर राज्य में एमबीबीएस की कुल सीटें 1700 तक पहुंच गई हैं।

राज्य की पुष्कर सिंह धामी सरकार हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। सरकार का जोर चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के साथ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर डॉक्टर तैयार करने पर है। इससे प्रदेश के युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के अधिक अवसर मिलने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के लिए चिकित्सकीय मानव संसाधन उपलब्ध कराने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

प्रदेश में वर्तमान में देहरादून, हल्द्वानी, श्रीनगर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और हरिद्वार में राजकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। इनमें अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और हरिद्वार के मेडिकल कॉलेज पिछले पांच वर्षों में शुरू हुए हैं। रुद्रपुर में भी मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा हो चुका है। यहां 100 एमबीबीएस सीटों की अनुमति मिलने के बाद सरकारी क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा की क्षमता और बढ़ जाएगी।

वर्तमान में छह राजकीय मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 675 सीटें हैं। इनमें देहरादून मेडिकल कॉलेज में 150, हल्द्वानी में 125, श्रीनगर में 150, अल्मोड़ा में 100, हरिद्वार में 100 और पिथौरागढ़ में 50 सीटें शामिल हैं। रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज की प्रस्तावित 100 सीटों को जोड़ने पर राजकीय मेडिकल कॉलेजों में कुल सीटें 775 हो जाएंगी।

इसके अतिरिक्त प्रदेश के चार निजी मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की 900 सीटें हैं। इनमें हिमालयन इंस्टीट्यूट जौलीग्रांट में 250, एसजीआरआर मेडिकल कॉलेज देहरादून में 250, गौतम बुद्ध मेडिकल कॉलेज देहरादून में 150 और ग्राफिक एरा इंस्टीट्यूट देहरादून में 250 सीटें हैं। एम्स ऋषिकेश में भी 125 एमबीबीएस सीटें हैं। इस तरह सरकारी, निजी और केंद्रीय संस्थान को मिलाकर प्रदेश में एमबीबीएस की कुल सीटों की संख्या 1700 है। रुद्रपुर की प्रस्तावित सीटों की मंजूरी के बाद यह संख्या बढ़कर 1800 हो जाएगी।

चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सोच के अनुरूप उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य में प्रदेश डॉक्टरों और नर्सों सहित चिकित्सा क्षेत्र के मानव संसाधन उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की स्थिति में पहुंच सकता है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करना सरकार का संकल्प है, ताकि स्थानीय स्तर पर योग्य डॉक्टर तैयार हों और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा के लिए प्रदेश से बाहर नहीं जाना पड़े। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के साथ स्वास्थ्य सेवाओं तक आम लोगों की पहुंच बढ़ाने पर भी सरकार का ध्यान है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

Livevns.news Desk
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