श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ सजने लगीं माता नंदा-सुनंदा, सुबह ब्रह्म मुहूर्त में देंगी दर्शन
-पूरी तरह से ईको-फ्रेंडली तरीके से हुआ है मूर्तियों का निर्माण
नैनीताल, 18 सितंबर (हि.स.)। माता नयना की नगरी नैनीताल में एक बेटी की तरह करीब 4 दिन के लिए अपने मायके आयीं माता नंदा-सुनंदा श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ सजने लगी हैं। अब वे शनिवार सुबह ब्रह्म मुहूर्त में दर्शन देंगी।
शुक्रवार को सेवा समिति भवन में आयोजक संस्था श्रीराम सेवक सभा के चंद्र प्रकाश साह, महासचिव जगदीश बवाड़ी, गोधन सिंह, हीरा रावत, चिराग बिष्ट, सागर सोनकर, गोविंद बिष्ट आदि कार्यकर्ता सुबह 9 बजे से ही मूर्ति निर्माण के कार्य में जुटे रहे। इसके उपरांत मूर्तियों में रंग भरने का कार्य मोनिका साह, हिमांशु गुप्ता, भूमिका आदि के द्वारा किया गया।
मूर्तियों के निर्माण में बीते कुछ वर्षों की तरह पूरी तरह ईको-फ्रेंडली पदार्थों, कदली वृक्षों के साथ बांश की खपच्चियां, सूती कपड़े, पाती के पत्ते, रुई, धागे एवं प्राकृतिक रंगों का ही प्रयोग किया गया है, ताकि नैनी झील में विसर्जन के उपरांत भी इससे पर्यावरण को किसी तरह का नुकसान न हो।
उधर, नयना देवी मंदिर परिसर में मंडप पंडाल का कार्य सभा में घनश्याम लाल साह व मुकेश जोशी की अगुवाई में हुआ, जबकि मंदिर परिसर में पूर्व अध्यक्ष मुकेश जोशी की अगुवाई में भंडारा भी प्रारंभ हो गया है। भंडारे व अन्य आयोजनों में भी कार्यकर्ता जुटे रहे।
फ्लैट्स मैदान में नगर पालिका प्रशासन की ओर से आयोजित किये जा रहे मेले में झूलों व मेले का चलना गुरुवार से ही प्रारंभ हो गया है, जबकि पूर्व में मेला नंदाष्टमी के दिन से ही शुरू होता था। अलबत्ता, मेले में दुकानों के महंगी होने के आरोप भी लग रहे हैं। स्वयं नगर पालिका के लोग भी यह आरोप लगाते देखे जा रहे हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. नवीन चन्द्र जोशी

