उत्तराखंड में तीन माह का राशन अग्रिम वितरण शुरू,एलपीजी आपूर्ति सामान्य

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उत्तराखंड में तीन माह का राशन अग्रिम वितरण शुरू,एलपीजी आपूर्ति सामान्य


देहरादून, 07 अप्रैल (हि.स.)। उत्तराखंड में घरेलू एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है, जबकि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत अंत्योदय और प्राथमिक परिवारों को अप्रैल माह में तीन महीने का राशन अग्रिम रूप से वितरित किया जा रहा है। इसके अलावा विवाह समाराेह के लिए दस दिन पहले आवेदन करना हाेगा और दाे सिलेंडर आवंटित किए जाएंगे।

अपर आयुक्त (खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले) पीएस पांगती ने मंगलवार को पीआईबी कार्यालय में पत्रकार वार्ता में उक्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ने राज्य में डीजल और पेट्रोल की कोई कमी नहीं है तथा अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को नियमित रूप से गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है। 1 मार्च 2026 से अब तक 18 लाख से अधिक घरेलू एलपीजी सिलेंडर उपभोक्ताओं तक पहुंचाए जा चुके हैं।

उन्होंने बताया कि चारधाम यात्रा और विवाह सीजन को देखते हुए कॉमर्शियल गैस सिलेंडरों के वितरण के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की गई है। इसके तहत होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, गेस्ट हाउस, होम स्टे और उद्योगों को प्रतिदिन 6,310 सिलेंडर उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य सरकार ने अप्रैल से नवंबर तक 100 प्रतिशत कॉमर्शियल एलपीजी आवंटन बनाए रखने और अतिरिक्त 5 प्रतिशत कोटा देने का अनुरोध केंद्र सरकार से किया है।

प्रवासी मजदूरों और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए 5 किलोग्राम के छोटू एलपीजी सिलेंडर (एफटीएल) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं, जिन्हें पहचान पत्र के आधार पर किसी भी गैस एजेंसी से प्राप्त किया जा सकता है। राज्य में अब तक 6,700 से अधिक ऐसे सिलेंडरों की बिक्री हो चुकी है। खाद्य सुरक्षा के तहत प्रदेश के लगभग 14 लाख राशन कार्डधारक परिवारों को अप्रैल माह में ही अप्रैल, मई और जून का राशन एक साथ वितरित किया जा रहा है।

पांगती ने बताया कि एलपीजी की पैनिक बुकिंग में भी कमी आई है। 15 मार्च को जहां 90 हजार बुकिंग दर्ज की गई थी, वहीं 6 अप्रैल को यह घटकर 45 हजार रह गई, जिससे स्थिति सामान्य हो गई है। पीएनजी कनेक्शन के विस्तार पर भी जोर दिया जा रहा है। राज्य में देहरादून, उधम सिंह नगर, हरिद्वार और नैनीताल समेत विभिन्न क्षेत्रों में पांच सिटी गैस वितरण कंपनियां कार्यरत हैं और वर्तमान में 37 हजार से अधिक घरों में पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी की जा रही है। अब तक 6,205 निरीक्षण और 373 छापों में 19 एफआईआर दर्ज की गई हैं, सात गिरफ्तारियां हुई हैं और 16 नोटिस जारी किए गए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ विनोद पोखरियाल

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