ग्वाड गांव के धौणी अमधार में भूस्खलन से 60 परिवारों पर खतरा

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गोपेश्वर, 25 अगस्त (हि.स.)। चमोली जिला मुख्यालय गोपेश्वर के समीपवर्ती ग्वाड़ गांव के ऊपर धौणी अमधार तोक में भू-स्खलन ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। भारी बारिश के बाद 20 अगस्त को अचानक शुरू हुए भूस्खलन से गांव की छानी को जाने वाला संपर्क मार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया। भूस्खलन लगातार बढ़ने की स्थिति में गांव के 60 से अधिक परिवारों के लिए खतरा पैदा हो गया है।

ग्वाड़ के पूर्व प्रधान विनोद कुमार ने बताया कि 20 अगस्त को हुई भारी बारिश के बाद गांव के ऊपर धौणी अमधार क्षेत्र में अचानक भू-स्खलन शुरू हुआ। देखते ही देखते मलबा और मिट्टी खिसकने लगी, जिससे ग्रामीणों के आवागमन का रास्ता भी प्रभावित हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते भू-स्खलन की रोकथाम के लिए सुरक्षा कार्य नहीं किए गए तो आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है।

उन्होंने बताया कि भू-स्खलन की जानकारी तत्काल प्रशासन को दी गई थी। सूचना मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण भी किया, लेकिन निरीक्षण के बाद अभी तक सुरक्षा की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।

इससे ग्रामीणों में नाराजगी के साथ भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में लगातार बारिश होने पर भू-स्खलन का दायरा बढ़ने की आशंका है। ऐसे में गांव के ऊपर स्थित संवेदनशील हिस्से की तत्काल तकनीकी जांच कराना जरूरी है। साथ ही यह भी देखा जाना चाहिए कि भू-स्खलन का मुख्य कारण क्या है और इसकी रोकथाम के लिए किस तरह के सुरक्षा कार्य किए जाने की आवश्यकता है।

पूर्व प्रधान विनोद कुमार ने कहा कि प्रशासन की ओर से केवल मौका निरीक्षण तक कार्रवाई सीमित नहीं रहनी चाहिए। प्रभावित क्षेत्र में विशेषज्ञों की टीम से सर्वे कराकर आवश्यकतानुसार रिटेनिंग वॉल, जल निकासी और अन्य सुरक्षात्मक कार्य कराए जाने चाहिए, ताकि ग्रामीणों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

उन्होंने कहा कि गांव के 60 से अधिक परिवार सीधे तौर पर इस खतरे की जद में हैं। यदि बारिश के दौरान भूस्खलन और बढ़ा तो ग्रामीणों के मकानों तथा संपर्क मार्ग को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में किसी बड़ी घटना का इंतजार करने के बजाय प्रशासन को एहतियाती कदम उठाने चाहिए।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से धौणी अमधार क्षेत्र का दोबारा तकनीकी सर्वे कराने, भूस्खलन की रोकथाम के लिए तत्काल सुरक्षा कार्य शुरू करने और क्षतिग्रस्त संपर्क मार्ग को दुरुस्त करने की मांग की है। साथ ही प्रभावित परिवारों की सुरक्षा को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्र की नियमित निगरानी की मांग भी उठाई गई है।

हिन्दुस्थान समाचार / जगदीश पोखरियाल

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