हरिद्वार कुंभ - 2027 भीड़ के लिहाज से रहेगा बेहद संवेदनशील : डॉ. नरेश चौधरी
हरिद्वार, 20 अक्टूबर (हि.स.)। कुंभ मेला 2027 की तैयारियों के तहत सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण केंद्र में चल रहे 12वें चरण के प्रशिक्षण शिविर में इंडियन रेडक्रॉस उत्तराखंड के चेयरमैन प्रो. (डॉ.) नरेश चौधरी ने पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण दिया।
कुंभ मेला पुलिस द्वारा पिछले एक माह से यह प्रशिक्षण चलाया जा रहा है, जिसमें कुंभ को निर्विघ्न संपन्न कराने के गुर सिखाए जा रहे हैं।
डॉ. नरेश चौधरी ने अपने चार दशकों के अनुभव साझा करते हुए कहा कि कुंभ 2027 भीड़भाड़ की दृष्टि से बेहद संवेदनशील रहेगा। उन्होंने बताया कि जब हरिद्वार में अर्धकुंभ होता था, तो उसी अवधि में उज्जैन में भी मेले होते थे। लेकिन हरिद्वार कुंभ 2022 के बजाय 11 साल में 2021 में हुआ और कोविड से प्रभावित रहा। इस कारण उज्जैन कुंभ 2028 में अपने तय समय पर होगा, जबकि नासिक कुंभ जुलाई 2027 में, हरिद्वार कुंभ के बाद होगा। ऐसे में हरिद्वार कुंभ में श्रद्धालुओं की संख्या पिछले सभी मेलों से अधिक रहने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि अमृत स्नान और अखाड़ों की पेशवाई का आकर्षण भी इस बार ज्यादा होगा, इसलिए सभी विभागों, स्वयंसेवी संस्थाओं और पुलिस को अत्यंत संवेदनशीलता से कार्य करना होगा।
डॉ. चौधरी ने कहा कि हरिद्वार कुंभ में स्थानीय निवासियों, व्यापारियों, होटल-धर्मशाला संचालकों और स्वयंसेवकों की अहम भूमिका होती है।
मेला प्रशासन और पुलिस को इन सभी के साथ निरंतर समन्वय बनाकर टीम भावना से काम करना होगा।
उन्होंने 1986, 1992, 1998, 2004, 2010, 2016 और 2021 के हरिद्वार कुंभों के साथ ही प्रयागराज, उज्जैन और नासिक कुंभ में निभाए अपने दायित्वों के अनुभव भी पुलिसकर्मियों के साथ साझा किए।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

