भीमगोड़ा कुंड को मिलेगा नया स्वरूप, कुंभ से पहले विकास कार्यों में तेजी

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भीमगोड़ा कुंड को मिलेगा नया स्वरूप, कुंभ से पहले विकास कार्यों में तेजी


हरिद्वार, 09 सितंबर (हि.स.)। कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर मेला प्रशासन जहां श्रद्धालुओं की सुविधाओं को मजबूत करने में जुटा है, वहीं शहर की पौराणिक एवं धार्मिक विरासत को भी नया स्वरूप देने की कवायद शुरू हो गई है। इसी क्रम में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने पौराणिक भीमगोड़ा कुंड के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण की जिम्मेदारी हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण को सौंपते हुए जल्द काम शुरू करने के निर्देश दिए।

मेलाधिकारी ने भीमगोड़ा क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर कुंड की वर्तमान स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि कुंड की ऐतिहासिक और धार्मिक महत्ता को देखते हुए इसके संरक्षण के साथ बेहतर रख-रखाव भी जरूरी है। परिसर स्थित मंदिरों एवं अन्य धार्मिक संरचनाओं के सौंदर्यीकरण तथा प्रकाश व्यवस्था पर भी जोर दिया गया। आसपास के भवनों के अग्रभाग को निर्धारित थीम के अनुरूप विकसित करने के साथ कुंड के प्रवेश द्वार के पास ऑटो और ई-रिक्शा की अनियोजित पार्किंग हटाकर वैकल्पिक पार्किंग व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त रखने और बेतरतीब निर्माण पर नियंत्रण के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया। उन्होंने निर्माणाधीन एडमिन रोड और आस्था पथ के कार्यों में तेजी लाने तथा सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

दूधाधारी चौक-भूपतवाला क्षेत्र में प्रस्तावित दूधाधारी चौक से ज्वालापुर सड़क नवीनीकरण की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मेलाधिकारी ने कहा कि परियोजना में साधु-संतों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों, प्रबुद्धजनों और अन्य हितबद्ध लोगों के सुझावों को प्राथमिकता दी जाए। सड़क के साथ फुटपाथ, रेलिंग, ड्रेनेज, पार्किंग, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था और सौंदर्यीकरण की सुविधाओं को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करने के निर्देश दिए गए। मेलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कुंभ-2027 से जुड़े प्रत्येक कार्य में गुणवत्ता, समयबद्धता, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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