कुंभ 2027 की तैयारियों से संत समाज संतुष्ट, अखाड़ों ने सरकार को दिया सहयोग का भरोसा

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कुंभ 2027 की तैयारियों से संत समाज संतुष्ट, अखाड़ों ने सरकार को दिया सहयोग का भरोसा


हरिद्वार, 20 जून (हि.स.)। आगामी कुंभ मेला-2027 के दिव्य एवं भव्य आयोजन को लेकर हरिद्वार में शासन-प्रशासन और संत समाज के बीच लगातार संवाद जारी है। कुंभ मेला प्रशासन द्वारा विभिन्न अखाड़ों के प्रमुखों, महामंडलेश्वरों, महंतों और साधु-संतों से मुलाकात कर मेले की तैयारियों पर सुझाव और मार्गदर्शन प्राप्त किया जा रहा है। संत समाज ने राज्य सरकार की प्रतिबद्धता की सराहना करते हुए आयोजन को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया है।

कुंभ मेला प्रशासन के अधिकारियों ने श्री निरंजनी अखाड़ा, श्री जूना अखाड़ा, श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा, श्री पंचायती अटल अखाड़ा, श्री पंचायती आनंद अखाड़ा, श्री पंच अग्नि अखाड़ा, श्री पंच दशनाम आवाहन अखाड़ा, श्री पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन, श्री पंचायती उदासीन नया अखाड़ा, श्री पंचायती निर्मल अखाड़ा, श्री निर्वाणी अणि अखाड़ा, श्री दिगम्बर अणि अखाड़ा तथा श्री निर्मोही अणि अखाड़ा सहित विभिन्न अखाड़ों के संतों और पदाधिकारियों से विस्तृत चर्चा की।

बैठकों के दौरान संतों ने अमृत स्नान, पेशवाई, अखाड़ों की आवासीय व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, सड़क और पुलों के निर्माण व रखरखाव, घाटों की सुविधाएं, स्वच्छता, विद्युत, पेयजल, सुरक्षा तथा श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव प्रशासन को दिए।

संत समाज ने जोर देकर कहा कि कुंभ मेले की आध्यात्मिक गरिमा और सनातन परंपराओं को अक्षुण्ण रखते हुए आधुनिक सुविधाओं का समुचित समन्वय किया जाए, ताकि देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिल सके।

अखाड़ों के प्रमुखों और वरिष्ठ संतों ने प्रारंभिक चरण से ही संत समाज को विश्वास में लेकर सुझाव प्राप्त करने की सरकार और मेला प्रशासन की पहल की सराहना की। उनका कहना था कि संत समाज की सहभागिता से कुंभ मेला अधिक सुव्यवस्थित, प्रभावी और सफल बनेगा।

संत समाज ने विश्वास जताया कि कुंभ मेला-2027 हरिद्वार में एक दिव्य, भव्य, सुव्यवस्थित और ऐतिहासिक आयोजन के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि विश्वभर के श्रद्धालुओं की आस्था के इस महापर्व की सफलता के लिए अखाड़े और संत समाज पूरी निष्ठा के साथ अपना योगदान देंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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