दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक होगा कुभ मेला: मुख्यमंत्री
हरिद्वार, 21 फ़रवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को हरिद्वार में आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में आगामी वर्ष आयोजित होने वाले कुंभ मेले की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। मेला नियंत्रण भवन में आयोजित बैठक में उन्होंने कहा कि हरिद्वार का कुंभ मेला दिव्य, भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुगमता और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।
मुख्यमंत्री ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों पर हुई कार्रवाई तथा वर्तमान में चल रहे कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने सभी प्रमुख स्थायी कार्यों को अक्टूबर माह तक पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि अस्थायी कार्यों के प्रस्तावों को अंतिम रूप देकर समयबद्ध ढंग से पूरा किया जाए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के भी निर्देश दिए गए।
परिवहन एवं पार्किंग व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने वैकल्पिक मार्ग चिन्हित करने, संभावित भीड़ को ध्यान में रखते हुए स्नान, आवागमन और ठहराव की विस्तृत योजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कुंभ क्षेत्र में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने तथा स्वयंसेवी संगठनों का सहयोग लेने की बात कही। साथ ही साधु-संतों, अखाड़ों, जनप्रतिनिधियों और धार्मिक संगठनों के सुझावों को शामिल कर समन्वित प्रयास करने पर बल दिया।
सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती, साइबर सुरक्षा, अग्निशमन और रेस्क्यू टीमों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कुंभ क्षेत्र के पुलों का सुरक्षा ऑडिट कराने, घाटों के सुदृढ़ीकरण, सुरक्षा रेलिंग और फिसलन-रोधी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने तथा सभी विद्युत लाइनों को भूमिगत करने के निर्देश दिए। भूमि प्रबंधन और आवंटन प्रक्रिया की निगरानी स्वयं मेलाधिकारी द्वारा किए जाने तथा क्षेत्र को अतिक्रमणमुक्त रखने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी सुझाव दिए। मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने स्वीकृत एवं प्रस्तावित कार्यों की प्रगति पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। इस अवसर पर शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

