खंडूड़ी के आदर्शों पर चलकर विकसित उत्तराखंड का सपना होगा साकार: धामी

WhatsApp Channel Join Now
खंडूड़ी के आदर्शों पर चलकर विकसित उत्तराखंड का सपना होगा साकार: धामी


खंडूड़ी के आदर्शों पर चलकर विकसित उत्तराखंड का सपना होगा साकार: धामी


- राष्ट्रसेवा, सुशासन और ईमानदारी की मिसाल थे, योगदान रहेगा अमिट

देहरादून, 01 जून (हि.स.)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि श्रद्धेय खंडूड़ी का निधन केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके साथ एक युग का अवसान हुआ है, लेकिन उनके आदर्श, विचार और कार्य आने वाली पीढ़ियों का मार्गदर्शन करते रहेंगे। उन्होंने लोगों से खंडूड़ी के आदर्शों को आत्मसात कर उनके सपनों के अनुरूप उत्तराखंड के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

सोमवार को गढ़ी कैंट स्थित हरबंश कपूर मेमोरियल कम्युनिटी हॉल में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खण्डूड़ी को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए यह बातें कही। उन्होंने कहा कि खंडूड़ी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि राष्ट्रसेवा, सुशासन, ईमानदारी और जनकल्याण के पर्याय थे, जिनके योगदान को उत्तराखंड और देश हमेशा याद रखेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भुवन चंद्र खंडूड़ी का व्यक्तित्व बहुआयामी था। उन्होंने सैनिक, प्रशासक, जनप्रतिनिधि और मुख्यमंत्री के रूप में हर भूमिका का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ किया। उनका जीवन सार्वजनिक जीवन में शुचिता, पारदर्शिता और कर्तव्यनिष्ठा का उत्कृष्ट उदाहरण है।

धामी ने कहा कि भारतीय सेना में रहते हुए खंडूड़ी ने 1971 के भारत-पाक युद्ध में साहस, नेतृत्व और रणनीतिक कौशल का परिचय दिया। सीमांत क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे के विकास में उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही। राष्ट्र के प्रति उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित किया गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना से सेवानिवृत्ति के बाद भी उनका जनसेवा का संकल्प निरंतर जारी रहा। वर्ष 1991 में गढ़वाल से सांसद बनने के बाद उन्होंने संसद में पृथक उत्तराखंड राज्य की मांग को मजबूती से उठाया और पांच बार सांसद के रूप में पहाड़ की आवाज को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया। उनके प्रयासों ने राज्य आंदोलन को नई ऊर्जा देने का काम किया।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री रहते हुए खंडूड़ी ने देश के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने में ऐतिहासिक योगदान दिया। स्वर्णिम चतुर्भुज योजना और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को गति देने में उनकी भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के रूप में खंडूड़ी ने सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्रशासन की पहचान बनाया। उच्च पदों पर रहने के बावजूद उन्होंने अपने सिद्धांतों से कभी समझौता नहीं किया और हमेशा आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता दी।

धामी ने कहा कि उन्हें समय-समय पर खंडूड़ी जी का स्नेह, मार्गदर्शन और आशीर्वाद प्राप्त होता रहा, जिसने उनके सार्वजनिक जीवन को दिशा दी। उन्होंने कहा कि खंडूड़ी का जीवन और उनके विचार आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं।

श्रद्धांजलि सभा में विधानसभा अध्यक्ष रितु खण्डूड़ी, उत्तरप्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना,पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी,स्वामी रामदेव,मंत्री व विभिन्न साधु संत सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

ृृ

हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

Share this story