केदारनाथ धाम में योग-प्राणायाम शिविर शुरू
केदारनाथ, 29 अप्रैल (हि.स.)। केदारनाथ धाम में उच्च हिमालयी परिस्थितियों को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए योग एवं प्राणायाम शिविर का शुभारंभ किया गया है। इस पहल का उद्देश्य तीन हजार मीटर से अधिक ऊंचाई पर आने वाले यात्रियों को शारीरिक रूप से अनुकूल बनाना और उन्हें आध्यात्मिक शांति प्रदान करना है।
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. आरएस पाल ने बताया कि कम ऑक्सीजन और अत्यधिक ठंड वाले इस क्षेत्र में योग एवं प्राणायाम स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों को कम करने में कारगर साबित हो रहे हैं। आयुर्वेद विभाग ने मंदिर के पीछे चयनित स्थल पर प्रतिदिन सुबह 10 से 11 बजे तक निशुल्क योग सत्र आयोजित कर रहा है, जहां प्रशिक्षित अनुदेशक श्रद्धालुओं को अभ्यास करा रहे हैं। उन्हाेंने बताया कि विभाग ने अपील की है कि उच्च रक्तचाप, सांस लेने में कठिनाई या अन्य असुविधा महसूस करने वाले यात्री इस सुविधा का लाभ अवश्य उठाएं। अधिकारियों के अनुसार नियमित योगाभ्यास से न केवल स्वास्थ्य बेहतर होगा, बल्कि यात्रा भी अधिक सुरक्षित और सहज बन सकेगी।
जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. आरएस पाल ने बताया कि केदारनाथ धाम जैसे उच्च हिमालयी क्षेत्र में श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। योग एवं प्राणायाम जैसी प्राचीन भारतीय विधाएं शरीर को वातावरण के अनुरूप ढालने में अत्यंत प्रभावी हैं। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक श्रद्धालु स्वस्थ, सुरक्षित एवं सुखद यात्रा का अनुभव प्राप्त करे।
नोडल अधिकारी डॉ. घनेंद्र वशिष्ठ ने बताया कि उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में अचानक पहुंचने से शरीर पर प्रभाव पड़ता है, विशेषकर श्वसन एवं रक्तचाप संबंधी समस्याएं सामने आती हैं। योग एवं प्राणायाम इन समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हम सभी श्रद्धालुओं से अनुरोध करते हैं कि इस निशुल्क सुविधा का लाभ उठाकर अपनी यात्रा को अधिक सहज एवं सुरक्षित बनाएं।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

