कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर राज्यपाल ने वीर बलिदानियों को दी श्रद्धांजलि
देहरादून, 25 जुलाई (हि.स.)। कारगिल विजय दिवस की पूर्व संध्या पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय भारतीय सेना के अद्वितीय शौर्य, अदम्य साहस और अटूट राष्ट्रनिष्ठा का स्वर्णिम अध्याय है।
राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि कारगिल युद्ध ने विश्व के सामने भारतीय सेना की वीरता, रणनीतिक क्षमता और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद भारतीय सैनिकों ने असाधारण साहस का प्रदर्शन करते हुए मातृभूमि की रक्षा की और दुश्मन के मंसूबों को विफल किया। यह विजय भारतीय सैनिकों के पराक्रम और राष्ट्र के सामूहिक संकल्प की ऐतिहासिक मिसाल है।
उन्होंने कहा कि इस गौरवपूर्ण विजय के लिए अनेक वीर जवानों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया। देवभूमि उत्तराखण्ड के वीर सपूतों ने भी कारगिल की चोटियों पर अदम्य साहस दिखाते हुए देश की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर किए। उनका त्याग और बलिदान सदैव देशवासियों को राष्ट्रसेवा, कर्तव्यनिष्ठा और देशभक्ति के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहेगा।
राज्यपाल ने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों ने हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में अपने साहस, अनुशासन और समर्पण से देश का गौरव बढ़ाया है। कारगिल के अमर बलिदानी का बलिदान हमेशा राष्ट्र की चेतना में जीवंत रहेगा और आने वाली पीढ़ियों को देश के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता रहेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

