बलात्कारियों, भ्रष्टाचारियों और गोहत्यारों को फांसी हो: रामदेव
हरिद्वार, 19 अक्टूबर (हि.स.)। पतंजलि योगपीठ में नवरात्रि की पूर्णाहुति पर कन्या पूजन के दौरान योगगुरु स्वामी रामदेव ने नारी सम्मान, बेटियों की सुरक्षा, भ्रष्टाचार और गो-संरक्षण के मुद्दे उठाए। उन्होंने दुष्कर्म, भ्रष्टाचार और गोहत्या के मामलों में कठोरतम दंड की वकालत करते हुए कहा कि बलात्कारियों, भ्रष्टाचारियों और गोहत्यारों को फांसी होनी चाहिए।
मीडिया से बातचीत में स्वामी रामदेव ने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति की दृष्टि प्रत्येक स्वरूप में भगवती के दर्शन करने की है। यह दृष्टि केवल कन्या पूजन तक सीमित नहीं, बल्कि समस्त सृष्टि में देवी स्वरूप को देखने की प्रेरणा देती है। जिस व्यक्ति में ऐसी दृष्टि होती है, वह दुराचार, अनाचार, व्यभिचार और भ्रष्टाचार से दूर रहता है।
बेटियों के साथ अपराध पर जताई चिंता-
स्वामी रामदेव ने छोटी बच्चियों के साथ होने वाले दुष्कर्म और समाज में बढ़ती अश्लीलता पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि देश में ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए कि किसी भी मां-बेटी के साथ गलत न हो। भारत में देवी भगवती की पूजा होती है और साल में दो बार नवरात्रि मनाई जाती है, ऐसे में बच्चियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं देश को शर्मसार करती हैं। उन्होंने दुष्कर्म के मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालतों में कराने की मांग की।
उन्होंने कहा कि नवरात्रि की उपासना तभी सार्थक होगी, जब समाज महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी समझे। इसके लिए कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई जरूरी है।
भ्रष्टाचार और गोहत्या पर भी कठोर
स्वामी रामदेव ने देशवासियों से आह्वान किया कि नवरात्रि की पूर्णाहुति पर सभी संकल्प लें कि किसी भी बहन-बेटी के साथ अपराध न हो। महिलाओं के प्रति सम्मान और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना पूरे समाज का दायित्व है।
गोहत्या के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गाय को मां का दर्जा दिया गया है और गोहत्या समाप्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
भारत को सद्चरित्रता और पवित्रता के मूल्यों के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उनका संदेश धार्मिक अनुष्ठान को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने पर केंद्रित रहा।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

