कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ, निस्वार्थ सेवा में जुटा उछाली आश्रम
हरिद्वार, 01 अगस्त (हि.स.)। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा शुरू होते ही प्रसिद्ध आध्यात्मिक संस्था उछाली आश्रम की ओर से श्रीगुरू सेवक निवास में कांवड़ सेवा शिविर का शुभारंभ किया गया। शुक्रवार शाम पूजा-अर्चना के साथ प्रारंभ हुए शिविर में शनिवार को बड़ी संख्या में शिवभक्त कांवड़ियों की निस्वार्थ भाव से सेवा की गई।
ललतारौ पुल के निकट स्थित आश्रम में कांवड़ यात्रियों के लिए निःशुल्क भोजन, शुद्ध पेयजल, चाय और फल की समुचित व्यवस्था की गई है। साथ ही श्रद्धालुओं को प्रशासन द्वारा जारी कांवड़ यात्रा के नियमों का पालन करने तथा गंगा की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।
इस अवसर पर महंत विष्णु दास ने कहा कि सेवा, समर्पण और मानवता भारतीय संस्कृति की पहचान हैं। कांवड़ यात्रियों की सेवा करना भगवान भोलेनाथ की सच्ची आराधना है। उन्होंने कहा कि श्रावण मास में लाखों शिवभक्त कठिन तप और श्रद्धा के साथ गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर जाते हैं। ऐसे में उनकी सेवा करना प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है।
उन्होंने बताया कि उछाली आश्रम वर्षों से सेवा, समर्पण और मानव कल्याण की भावना के साथ कांवड़ सेवा शिविर का संचालन करता आ रहा है। आश्रम का प्रयास है कि प्रत्येक शिवभक्त को भोजन, शुद्ध पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं सहज रूप से उपलब्ध कराई जाएं।
महंत विष्णु दास ने श्रद्धालुओं से कांवड़ यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने, यातायात नियमों का पालन करने, स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की अपील की। शिविर में महंत सीताराम दास, महंत कन्हैया दास, सुभाष पंजवानी, राघवेन्द्र दास, सुरेश खेड़ा, रमेश खनेजा सहित आश्रम के अनेक सेवादार दिन-रात शिवभक्तों की सेवा में जुटे हुए हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

