कल्याणानंद महाराज धर्मपरायणता के प्रतीक थे: देवानन्द महाराज

WhatsApp Channel Join Now


हरिद्वार, 07 जनवरी (हि.स.)। श्री मानव कल्याण आश्रमों के संस्थापक ब्रह्मलीन स्वामी कल्याणानंद सरस्वती महाराज की नवम पुण्यतिथि श्रद्धा पूर्वक श्री मानव कल्याण आश्रम में मनाई गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जूना अखाड़ा के महंत देवानन्द सरस्वती महाराज ने कहा कि स्वामी कल्याणानंद सरस्वती महाराज त्याग,तपस्या और धर्मपरायणता के प्रतिमूर्ति थे। उन्होंने गौ रक्षा की अलख जगाते हुए जेल यात्रा तक की और हरिद्वार, अहमदाबाद व बद्रीनाथ सहित अनेक तीर्थों में आश्रम स्थापित किए।

विधायक मदन कौशिक ने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन गौरक्षा और धर्म प्रचार के लिए सदैव समर्पित रहा। हरिद्वार में शंकराचार्य चौक की स्थापना और श्री मानव कल्याण आश्रमों की व्यवस्था उनके उदार भाव का प्रतीक हैं।

संस्था के मैनेजिंग ट्रस्टी अनिरूद्ध भाटी ने कहा कि आश्रम धर्म प्रचार, मानव सेवा और धार्मिक अनुष्ठानों का केंद्र रहा है। वहीं महंत दुर्गेशानंद सरस्वती ने बताया कि स्वामी जी ने गौ रक्षा हेतु देशभर में जन जागरण का अभियान चलाया और शंकराचार्य जयंती समारोह की शुरुआत यहीं से हुई।

इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष विनोद अग्रवाल, कोषाध्यक्ष रेणुका बेन एल. ठक्कर, स्वामी कृष्णानंद, स्वामी कमलानंद, स्वामी हंसानंद, संतोष ध्यानी, सुरेन्द्र कुमार मिश्रा, महेन्द्र, विनित गिरि और संजय वर्मा सहित अन्य ने श्रद्धासुमन अर्पित किए।

हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

Share this story