एनडीआरएफ ने छात्रों, शिक्षकों व कर्मचारियों को सिखाए जीवन रक्षा व बचाव के गुर
ज्योतिर्मठ, 16 मई (हि.स.)। राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जोशीमठ के एडुसैट सभागार में राष्ट्रीय आपदा बचाव दल की टीम ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को प्राकृतिक और मानवजन्य विपदाओं और दुर्घटनाओं के समय किये जाने वाले जीवन रक्षा उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। एनडीआरएफ की पंद्रहवीं बटालियन के सेनानी संतोष कुमार के दिशा निर्देशों के अनुपालन में एनडीआरएफ टीम तपोवन द्वारा टीम कमांडर इंस्पेक्टर सपन कुमार दुबे और सब इंस्पेक्टर दिनेश सिंह नेगी के मार्गदर्शन में टीम ने उक्त प्रशिक्षण दिया।
इंस्पेक्टर दुबे और दीपक रावत ने प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, भूस्खलन, भूकंप और सड़क दुर्घटनाओं के समय गोल्डन ऑवर के समय किये जाने वाले जीवन रक्षा उपायों के बारे में समझाया। टीम ने डेमो के माध्यम से अपना प्रशिक्षण दिया और प्राथमिक उपचार , रक्तस्राव रोकथाम, बी. एल. एस. प्रक्रिया, कामचलाऊ स्ट्रेचर तैयार करना और दुर्गम भौगोलिक परिस्थिति वाले गांवों से घायल और बीमार व्यक्ति के बचाव के बारे में जानकारी दी।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गोपालकृष्ण सेमवाल ने टीम का उनके उपयोगी प्रशिक्षण के लिए आभार व्यक्त किया। प्रशिक्षण में एमजी इंटर कॉलेज ज्योतिर्मठ के साठ विद्यार्थियों ने भी शिक्षक सुभाष नेगी, प्रतिभा सिंह और गौतम सिंह के साथ प्रतिभाग किया।
दल के अन्य सदस्यों में हरीश बोहरा, संदीप रावत, दीपक सिंह, उमेश नेगी, बेडपाल सिंह और एस. डी.आर. एफ. के कार्मिक हरीश गोस्वामी और विकास रावत शामिल रहे। महाविद्यालय की ओर से डॉ. नवीन पंत, डॉ. शैलेन्द्र रावत, डॉ. राजेन्द्र सिंह, डॉ. उपेंद्र सिंह, डॉ. राहुल मिश्रा, डॉ. नेपाल सिंह, डॉ. धीरेंद्र सिंह ,लीला देवी, जीत सिंह भंडारी, आनंद सिंह, रणजीत सिंह नेगी, जगदीश लाल, मुकेश सिंह, अजय सिंह, पुष्कर लाल, अनीता व नंदी देवी आदि प्रशिक्षण में उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रकाश कपरुवाण

