ठेकेदारों ने जल जीवन मिशन याेजनाओं का भुगतान न होने पर जताई नाराजगी, दी चेतावनी
देहरादून, 14 मई (हि.स.)। देवभूमि जल शक्ति कांट्रेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों और ठेकेदारों ने लंबित भुगतानों को लेकर गुरुवार को सचिवालय में सचिव पेयजल रणवीर सिंह चौहान से मुलाकात की। ठेकेदारों ने भुगतान न हाेने पर नाराजगी जताई और 15 दिन में भुगतान न हाेने पर योजनाएं ठप करने की चेतावनी दी।
सचिव पेयजल से मुलाकात के बाद ठेकेदारों ने यहां उत्तरांचल प्रेस क्लब में पत्रकाराें से बात की। इस दाैरान एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित अग्रवाल ने पत्रकारों के सामने विभागीय अधिकारियों पर लगातार आश्वासन देकर उपेक्षा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में जल जीवन मिशन के तहत कार्य कर रहे ठेकेदारों को पिछले लगभग ढाई वर्षों से वैध भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों ने अपनी क्षमता से अधिक संसाधन लगाकर योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य किया, लेकिन भुगतान के नाम पर लगातार टालमटोल की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कभी जीओ टैगिंग, कभी केएमएल फाइल और बाद में यूनिक आईडी मैपिंग पूरी होने का हवाला देकर भुगतान टाला गया। इसके बाद 6 अप्रैल 2026 को सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में बताया गया कि केंद्र और राज्य सरकार के बीच एमओयू होने के बाद भुगतान जारी किया जाएगा। अमित अग्रवाल ने कहा कि एमओयू होने के बाद भी अब तक भुगतान को लेकर कोई स्पष्ट स्थिति नहीं बताई गई है और अब केंद्र सरकार से धनराशि प्राप्त न होने की बात कही जा रही है।
पत्रकार वार्ता के दाैरान एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सचिन मित्तल ने कहा कि यदि आगामी 15 दिनों के भीतर लंबित धनराशि जारी नहीं की गई तो जल जीवन मिशन की योजनाएं पूरी तरह ठप होने की स्थिति में पहुंच जाएंगी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में ठेकेदारों को जिलों और मुख्यालय स्तर पर धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ेगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन, प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी। इस मौके पर एसोसिएशन की ओर से सुनील गुप्ता, संदीप मित्तल और गौरव गोयल सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

