नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाले बनें विद्यार्थी

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पौड़ी गढ़वाल, 13 अगस्त (हि.स.)। राजकीय व्यावसायिक महाविद्यालय बनास, पैठाणी में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं के स्वागत के लिए दीक्षारम्भ कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों, पाठ्यक्रमों, करियर काउंसलिंग, रोजगारपरक शिक्षा और छात्र हित से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. दिनेश रावत ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से महाविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने प्रवेश प्रक्रिया, नियमों और संचालित पाठ्यक्रमों के बारे में विद्यार्थियों को बताया। महाविद्यालय में बीबीए, बीसीए, बीएससी कंप्यूटर साइंस, फूड टेक्नोलॉजी और नॉन-कन्वेंशनल एनर्जी जैसे व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के साथ बॉटनी, जूलॉजी, केमिस्ट्री, फिजिक्स और मैथ्स विषयों की पढ़ाई कराई जा रही है।

सहायक प्रोफेसर डॉ. कामिका चौधरी ने कंप्यूटर साइंस विभाग की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को ज्ञान, कौशल, नवाचार, रोजगारपरकता और व्यक्तित्व विकास पर ध्यान देने के लिए प्रेरित किया। डॉ. पुनीत चंद्र वर्मा ने देवभूमि उद्यमिता योजना से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को नौकरी तलाशने वाला बनने के बजाय रोजगार देने वाला बनने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने रेडक्रॉस सोसायटी, एनसीसी और रक्तदान शिविरों से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी भी दी।

डॉ. सतवीर ने बीसीए विभाग एवं आईक्यूएसी सेल की गतिविधियों से विद्यार्थियों को अवगत कराया। डॉ. उर्वशी ने राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़ने का आह्वान करते हुए आपदा प्रबंधन और एक भारत श्रेष्ठ भारत जैसे विषयों की जानकारी दी। डॉ. खिलाप सिंह ने नमामि गंगे और एंटी-ड्रग अभियान के तहत आयोजित होने वाली गतिविधियों के बारे में बताया।

डॉ. आलोक कंडारी ने भौतिक विज्ञान विभाग का परिचय देते हुए समर्थ पोर्टल सहित महाविद्यालय की विभिन्न ऑनलाइन सुविधाओं और सेवाओं की जानकारी दी। डॉ. प्रकाश फोंदणी ने बॉटनी विभाग के साथ उच्च शिक्षा विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं, छात्रवृत्ति, निर्वाचन एवं स्वीप कार्यक्रम, वार्षिक पत्रिका और मीडिया की भूमिका पर प्रकाश डाला।

डॉ. कल्पना रावत ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ करियर काउंसलिंग के महत्व की जानकारी देते हुए उनका मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को महाविद्यालय में उपलब्ध विभिन्न अवसरों और गतिविधियों से जुड़कर अपने कौशल को विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।

हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

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