जीबीपीआईईटी में प्रवेश का नया रिकॉर्ड, 600 विद्यार्थियों ने लिया दाखिला
पौड़ी गढ़वाल, 30 अगस्त (हि.स.)। गोविंद बल्लभ पंत इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (जीबीपीआईईटी), घुड़दौड़ी में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश को लेकर उत्साहजनक स्थिति सामने आई है। संस्थान के विभिन्न स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में इस बार कुल 600 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। पिछले सत्र में यह संख्या 510 थी। एक साल में प्रवेश संख्या में हुई बढ़ोतरी को संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों और नए पाठ्यक्रमों के प्रति विद्यार्थियों के बढ़ते रुझान से जोड़कर देखा जा रहा है। संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट भी 2026-27 के नए प्रवेश और पाठ्यक्रमों की जानकारी जारी कर रही हे।
संस्थान के अधिष्ठाता शैक्षणिक डॉ. आशुतोष गुप्ता के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2026-27 में विभिन्न पाठ्यक्रमों में 600 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) वी.के. बंगा के कार्यभार संभालने के बाद से प्रवेश संख्या में लगातार सकारात्मक वृद्धि देखने को मिली है। सत्र 2025-26 में जहां 510 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया था, वहीं इस बार यह आंकड़ा बढ़कर 600 तक पहुंच गया है।
इस सत्र में संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों में बैचलर ऑफ कंप्यूटर एप्लीकेशंस (बीसीए) कार्यक्रम की शुरुआत भी शामिल है। बीसीए के लिए 40 विद्यार्थियों की स्वीकृत प्रवेश क्षमता के सापेक्ष अब तक 37 विद्यार्थी प्रवेश ले चुके हैं। नए पाठ्यक्रम को विद्यार्थियों से उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। संस्थान के अनुसार बीसीए कार्यक्रम स्थानीय विद्यार्थियों के साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए कंप्यूटर एवं एप्लीकेशन आधारित शिक्षा का नया विकल्प उपलब्ध करा रहा है।
वही, बीटेक के प्रथम वर्ष के विभिन्न पाठ्यक्रमों में कुल 452 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। इनमें कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में 65, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 65, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में 64, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (एआई-एमएल) में 63, मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 62, जैव प्रौद्योगिकी में 46 तथा मैकेनिकल इंजीनियरिंग (मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग) में 22 विद्यार्थी शामिल हैं। इनमें जम्मू-कश्मीर के पीएमएसएसएस के तहत प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी भी शामिल हैं।
बीटेक में लेटरल एंट्री के माध्यम से भी 70 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। इनमें सिविल इंजीनियरिंग के 18, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के 12, मैकेनिकल इंजीनियरिंग के 11, मैकेनिकल इंजीनियरिंग (मैन्युफैक्चरिंग इंजीनियरिंग) के नौ, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग तथा कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (एआई-एमएल) के सात-सात और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के छह विद्यार्थी शामिल हैं।
स्नातकोत्तर स्तर पर एमटेक के विभिन्न कार्यक्रमों में 18 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। इनमें कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के 11, स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग के छह और पावर सिस्टम के एक विद्यार्थी शामिल हैं। इसके अलावा एमसीए में 23 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।
इस तरह बीटेक प्रथम वर्ष, लेटरल एंट्री, एमटेक, एमसीए और बीसीए समेत संस्थान में इस सत्र में कुल 600 प्रवेश हुए हैं। पिछले वर्ष के 510 दाखिलों की तुलना में इस बार 90 अधिक विद्यार्थियों का प्रवेश होना संस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) वी.के. बंगा ने कहा कि तकनीकी शिक्षा के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों और संस्थान परिवार की सामूहिक मेहनत से प्रवेश, शैक्षणिक गतिविधियों और विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध अवसरों में लगातार सकारात्मक वृद्धि हो रही है। उन्होंने कहा कि जीबीपीआईईटी प्रदेश में तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।
हिन्दुस्थान समाचार / कर्ण सिंह

