यूओयू ने व्यक्तित्व निर्माण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया जोर
हरिद्वार, 17 अप्रैल (हि.स.)। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) ने अध्ययन केंद्र में आयोजित दीक्षारम्भ कार्यक्रम के दौरान व्यक्तित्व निर्माण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष जोर दिया। वक्ताओं ने कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों का समग्र विकास सुनिश्चित करना है। उन्होंने नियमित मार्गदर्शन, परामर्श और बेहतर शिक्षण व्यवस्था को विद्यार्थियों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया।
उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (यूओयू) के अध्ययन केंद्र एस.एम.जे.एन. पी.जी. कॉलेज में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए दीक्षारम्भ कार्यक्रम का शुभारंभ सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. बृजेश बनकोटी, प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. संजय कुमार माहेश्वरी, अध्ययन केंद्र समन्वयक डॉ. शिव कुमार चौहान की ओर से संयुक्त रूप सेकिया गया।
सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. बृजेश बनकोटी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अनुशासन और स्वाध्याय ही दूरस्थ शिक्षा की सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने कहा वर्ष 2035 तक उच्च शिक्षा में ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो को 50 प्रतिशत तक पहुंचाने में मुक्त विश्वविद्यालय की अहम भूमिका रहेगी।
प्राचार्य प्रो. सुनील कुमार बत्रा ने अपने संबोधन में कहा कि यूओयू केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण पर भी विशेष ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय उन लोगों के लिए वरदान है जो नौकरी या अन्य जिम्मेदारियों के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि अध्ययन केंद्र के माध्यम से विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नियमित परामर्श और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा।
इस अवसर पर छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. संजय कुमार माहेश्वरी ने कहा कि अध्ययन केंद्र विद्यार्थियों और विश्वविद्यालय के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है, जहां उन्हें विशेषज्ञों से सहयोग प्राप्त होगा।
इस मौके पर प्रो. विनय थपलियाल, डॉ. पूर्णिमा सुंदरियाल, ऋचा मिनोचा, रिंकल गोयल, डॉ. गीता साह, डॉ. गौरव अग्रवाल, डॉ. विजय शर्मा, कविता छाबड़ा, यादवेंद्र सिंह, वैभव बत्रा, डॉ. हरीश जोशी सहित अनेक शिक्षक एवं सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

