ऊधमसिंह नगर में सरकारी ज़मीन से एक अवैध मज़ार हटाई गई
जसपुर, 4 जुलाई (हि.स.)। उत्तराखंड के उधमसिंह नगर जिले की जसपुर तहसील के अहमदनगर क्षेत्र में सरकारी भूमि पर निर्मित एक अवैध मजार को प्रशासन ने शनिवार को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तहत ध्वस्त कर दिया। प्रशासन का कहना है कि संबंधित पक्ष को पूर्व में नोटिस जारी कर भूमि और निर्माण से जुड़े वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराया गया। इसके बाद राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम की मौजूदगी में कार्रवाई की गई।
प्रशासन के अनुसार, जिलाधिकारी नितिन भदौरिया के निर्देश पर जिलेभर में सरकारी भूमि पर बने अवैध धार्मिक ढांचों का सर्वे कराया जा रहा है। इसी क्रम में जसपुर के अहमदनगर क्षेत्र स्थित इस संरचना को सरकारी भूमि पर निर्मित पाया गया। जांच के बाद संबंधित पक्ष को नोटिस जारी कर स्वामित्व और निर्माण संबंधी अभिलेख प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे।
जसपुर के उप जिलाधिकारी राहुल शाह ने बताया कि नोटिस की अवधि समाप्त होने तक किसी भी व्यक्ति ने भूमि अथवा निर्माण से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया। इसके चलते शनिवार सुबह प्रशासन ने राजस्व विभाग, पुलिस और अन्य संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की। पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा।
उप जिलाधिकारी ने बताया कि ध्वस्तीकरण के दौरान संरचना के भीतर किसी प्रकार के अवशेष या धार्मिक सामग्री नहीं मिली। कार्रवाई पूरी होने के बाद जेसीबी मशीनों की मदद से भूमि को समतल कराया गया और सरकारी भूमि को प्रशासन ने अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद संबंधित विभाग को भूमि की निगरानी और संरक्षण के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न हो सके।
प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। सर्वे के दौरान जहां भी सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण पाए जाएंगे, वहां नियमानुसार नोटिस देने के बाद विधिक प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाएगी।
राज्य सरकार के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में विभिन्न जिलों में सरकारी भूमि पर बने सैकड़ों अवैध धार्मिक ढांचों और अन्य अतिक्रमणों को हटाकर भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया गया है। सरकार का कहना है कि अभियान का उद्देश्य सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और सार्वजनिक भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराना है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले भी स्पष्ट कर चुके हैं कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बिना किसी भेदभाव के विधिसम्मत कार्रवाई की जाए तथा सरकारी भूमि पर हुए सभी अवैध अतिक्रमणों को हटाने की प्रक्रिया जारी रखी जाए।------------
हिन्दुस्थान समाचार / राजेश कुमार पांडेय

