आईआईटी रुड़की और इन्वेस्ट यूपी की राष्ट्रीय कार्यशाला में नवीकरणीय ऊर्जा पर मंथन

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आईआईटी रुड़की और इन्वेस्ट यूपी की राष्ट्रीय कार्यशाला में नवीकरणीय ऊर्जा पर मंथन


हरिद्वार, 11 मई (हि.स.)। आईआईटी रुड़की और इन्वेस्ट यूपी ने नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय नीति कार्यशाला में उत्तर प्रदेश की नवीकरणीय ऊर्जा नीति को आगे बढ़ाने पर व्यापक चर्चा की।

यह जानकारी रुड़की आईआईटी की मीडिया कोऑर्डिनेटर सोनिका ने यहां बताया कि कार्यशाला में “राष्ट्रीय मिशनों, अग्रणी राज्यीय ढांचों और उभरती नेट ज़ीरो अर्थव्यवस्था का मानकीकरण” विषय पर नीति-निर्माताओं, उद्योग विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने भाग लिया। कार्यशाला संयोजक डॉ. कोमल त्रिपाठी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के ऊर्जा संक्रमण के लिए व्यावहारिक रोडमैप तैयार करना समय की आवश्यकता है। मुख्य अतिथि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के सचिव संतोष कुमार सारंगी ने बताया कि भारत में 274 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता स्थापित हो चुकी है तथा 2030 तक 500 गीगावाट का लक्ष्य निर्धारित है। नीति आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. वी. के. सारस्वत ने उत्तर प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा नेतृत्वकर्ता बनाने के लिए एकीकृत ऊर्जा रणनीति और ग्रिड आधुनिकीकरण पर बल दिया।

आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. केके पंत ने बायोमास ऊर्जा और कार्बन कैप्चर तकनीकों की संभावनाओं को रेखांकित किया। कार्यशाला में सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन, बायोऊर्जा और बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों पर गहन चर्चा हुई।

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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ.रजनीकांत शुक्ला

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